
diwali on border
जैसलमेर. जगमगाते दीपों के बीच सजी रंगोलियां और अंधेरों को चीरती झिलमिलाते दीपकों की पंक्तियां..। विविधता में भी एकता की अनुभूति के बीच फिजां में गूंजते देशभक्ति के तराने। अपनों से दूर होने के दर्द पर भारी साथियों के बीच उत्साह व उल्लास का माहौल। दीपोत्सव पर्व मनाने के लिए पाक से सटी पश्चिमी राजस्थान की सरहद भी रात में रोशन नजर आ रही है। सरहदी चौकियों में दीपावली पर्व को लेकर यहां अलग ही माहौल है, आंखों में परिवारजनों से दूर होने की पीड़ा को छिपाए सीमा सुरक्षा बल के सुरक्षा प्रहरी सजगता से सीमा पार की हर हरकत पर चौकस नजरें गड़ाए हुए हैं, वहीं अपने साथियों के साथ दीपोत्सव की खुशियों में भी भागीदार बन रहे हैं।
अपनो से सैकड़ों किलोमीटर दूर होने के दर्द के बीच राष्ट्र सुरक्षा का जज्बा और शरीर के रोम-रोम में ‘ड्यूटी फस्र्ट’ की भावना बसी हुई है। साथियों के साथ उल्लास के माहौल में उनके दिलोदिमाग से एकबारगी मन का दर्द काफूर हो जाता है। महिला सुरक्षा प्रहरी भी सरहद पर दीपकों की पंक्तियां बनाने व रंगोली सजाकर उत्साहित नजर आ रही है।
जिन सुरक्षा प्रहरियों के साए में पश्चिमी राजस्थान के बाशिंदे खुशियों का पर्व मना रहे हैं, वही जांबाज सरहद पर अनूठे अंदाज में दीपावली मनाकर खुशियों के रंग बिखेरने से खुद को नहीं रोक पा रहे। सरहद के अंतिम छोर पर बैठे इन सुरक्षा प्रहरियों के लिए अब उनके साथी ही परिवार है और ऐसे में वे पारिवारिक माहौल में पर्व की खुशियां मनाने से खुद को नहीं रोक पाते। जब इन्हें दिवाली के दिन अपने परिवारजनों की विरह वेदना सताती है, तो उनकी पलके भीग जाती है।
दूसरे ही पल वे दीपमालाएं सजाकर तो कभी आतिशबाजी कर मन को बांटने का प्रयास करते हैं। सीसुब के जवानों की इन खुशियों में उनके आला अधिकारी भी भागीदार बनते हैं। जब एक साथी दीपावली पर्व पर परिवारजनों को दूर पाकर फफक उठता या बैचेन हो जाता है तो दूसरा उसका हौसला बढ़ाता है।
इसी तरह सरहद पर खुशियांं बांटने का क्रम चलता रहता है। ऐसे में पाक से सटी सरहद पर दीपावली पर्व पर अनूठा माहौल बन जाता है। कभी दीपावली पर आधरित फिल्मी व भक्ति गीत की सुर में सुर मिलाते सीसुब के जवान दीपावली पर सीमा चौकियों को दीपों से सजाते हैं।
धोरों पर आतिशबाजी की रोशनी माहौल में उत्साह व उल्लास का अहसास कराती है।
Published on:
29 Oct 2016 08:46 pm
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
