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पोकरण में शिक्षा संकट : न शिक्षक पूरे, न भवन सुरक्षित

सरहदी क्षेत्र पोकरण में शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहां 242 विद्यालयों में से 20 भवन जर्जर हालात में हैं और 21 स्कूलों में अब तक बिजली कनेक्शन ही नहीं है।

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सरहदी क्षेत्र पोकरण में शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहां 242 विद्यालयों में से 20 भवन जर्जर हालात में हैं और 21 स्कूलों में अब तक बिजली कनेक्शन ही नहीं है। गर्मी में बिना पंखों के बच्चों को पढ़ाई करनी पड़ रही है। वहीं, प्रधानाचार्य, व्याख्याता और वरिष्ठ अध्यापक मिलाकर 165 पद रिक्त हैं, जिससे न केवल शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्कूल प्रबंधन भी चरमरा गया है।

स्कूल हैं, पर नहीं शिक्षक

क्षेत्र में कुल 242 विद्यालय हैं - 145 प्राथमिक, 43 उच्च प्राथमिक और 54 उच्च माध्यमिक। इनमें 46 प्रधानाचार्य पदों में से 29 खाली हैं। 126 व्याख्याताओं में से 44 और 211 वरिष्ठ अध्यापकों में से 92 पद रिक्त हैं। नतीजतन, स्कूलों में पढ़ाई ठप हो रही है और छात्रों का भविष्य अधर में है।

भवनों की हालत खस्ता, खतरे में जान

करीब 20 विद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं। समय पर मरम्मत न होने के कारण कक्षाओं की दीवारें और छतें गिरने के कगार पर हैं। बारिश या आंधी में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

21 स्कूलों में अब तक बिजली नहीं

क्षेत्र के 21 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है, जिससे गर्मी के मौसम में बिना पंखों के पढ़ाई हो रही है। अंधेरे कक्षों में बच्चों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है।

शीघ्र भरे जाएंगे पद, भवन-मरम्मत के भिजवाए प्रस्ताव

मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी हेमशंकर जोशी ने बताया कि प्रधानाचार्य व व्याख्याताओं के पदस्थापन आदेश जारी कर दिए गए हैं। शीघ्र ही पद भरने की प्रक्रिया पूरी होगी। जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। विद्युत कनेक्शन के लिए भी आवेदन किया गया है, लेकिन डिमांड राशि अधिक होने के कारण कई स्कूल जमा नहीं कर पाए हैं। इस बाबत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।