
राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मंगलवार को जैसलमेर का दौरा किया। दौरे के दौरान उन्होंने शहर के प्रमुख धार्मिक, पर्यटन और सामरिक महत्व के स्थलों का अवलोकन किया। इस क्रम में उन्होंने गड़ीसर तालाब, जैसलमेर दुर्ग और तनोट माता मंदिर में दर्शन किए। इसके साथ ही भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया।
ऊर्जा मंत्री ने सबसे पहले गड़ीसर तालाब पहुंचकर ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व की जानकारी ली। इसके बाद जैसलमेर दुर्ग का भ्रमण कर विरासत संरक्षण और टूरिज्म की संभावनाओं पर चर्चा की। तनोट माता मंदिर में दर्शन के दौरान उन्होंने क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से संवाद किया। सीमा क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने सीमा सुरक्षा बल के जवानों से सीधा संवाद किया और कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा में लगे उनके योगदान की सराहना की। सीमा सुरक्षा बल जवानों का हौसला बढ़ाया सेवाओं की सराहना करते हुए सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात के दौरान ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा देश की प्राथमिकता है और इसमें जवानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।पर्यटन ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में विकास योजनाओं पर जोर दिया गया
दौरे के दौरान ऊर्जा मंत्री ने जैसलमेर की विकास संभावनाओं पर भी मंथन किया। उन्होंने कहा कि जैसलमेर पर्यटन, अक्षय ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला जिला है। स्थानीय संसाधनों और प्रतिभाओं का बेहतर उपयोग कर जिले को विकास की नई दिशा दी जा सकती है। सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, पर्यटन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।नगर अध्यक्ष अरुण पुरोहित ने बताया कि ऊर्जा मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात कर चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में बिजली आपूर्ति, ऊर्जा उत्पादन, पर्यटन सुविधाएं, सड़क और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
Published on:
07 Jan 2026 09:19 pm
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