
स्वर्णनगरी जैसलमेर सहित जिले के सम-खुहड़ी जैसे पर्यटन महत्व वाले स्थलों पर इन दिनों तीखी गर्मी का प्रकोप है। ऐसे समय में भी कभी-कभार विदेशी सैलानियों का समूह यहां भ्रमण करता नजर आ जाता है। विदेशियों की यह आवक आने वाले जुलाई-अगस्त महीनों के लिए शुभ संकेत की तरह मानी जा रही है। जुलाई-अगस्त में अधिकांश यूरोपियन देशों के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन छुट्टियां होती हैं और कहीं-कहीं ये छुट्टियां मध्य सितम्बर तक होती हैं। ऐसे में विगत वर्षों में विदेशी सैलानी अपने परिवार के साथ बड़ी संख्या में जैसलमेर भ्रमण पर आते रहे हैं। एक बार फिर विदेशी मेहमानों की बम्पर आवक की शुरुआत इन महीनों में होने की पूरी उम्मीद है। उनकी अग्रिम बुकिंग्स भी आ रही हैं। हालांकि कोरोना महामारी के बाद जैसलमेर में विदेशी सैलानियों का आंकड़ा उससे पहले 2019 की तुलना में अभी तक एक-तिहाई को ही बमुश्किल छू पाया है। पर्यटन क्षेत्र विशेषकर विदेशियों से जुड़े गाइड्स, ट्रेवल एजेंट्स और होटेलियर्स आदि उम्मीद कर रहे हैं कि साल 2023 की तुलना में इस वर्ष जैसलमेर में विदेशी पर्यटकों की तादाद में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी।
15 जुलाई के बाद सात समंदर पार से सैलानियों की रौनक स्वर्णनगरी के दर्शनीय स्थलों व बाजारों के अलावा सम के रेतीले समुद्र में नजर आनी तय है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या में सैलानी स्पेन से आएंगे क्योंकि वहां का वातावरण उस दौरान जैसलमेर में रहने वाले मौसम से काफी मिलता-जुलता होता है। इसके अलावा फ्रांस और इटली, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया आदि के पर्यटक अपने परिवार के साथ जैसलमेर आएंगे। विदेशी पर्यटन से जुड़े अनुभवी लोगों का मानना है कि कोरोना की मार से प्रभावित हुआ पर्यटन क्षेत्र चालू वर्ष 2024 में काफी हद तक उबर जाएगा।
वैसे विदेशी पर्यटकों का भारत के बाकी हिस्सों में आगमन हो रहा है। इनमें से अनेक लोग रंग-रंगीले राजस्थान के विलक्षण पर्यटन नगर जैसलमेर की सैर भी करना चाहते हैं, लेकिन इस बार यहां पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की वजह से हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। बताया जाता है कि कई विदेशी दिल्ली तक पहुंचने के बाद राजस्थान की राजधानी जयपुर या जैसलमेर में गर्मी का हाल जानकर यहां आने का इरादा तज देते हैं। विदेशी पर्यटक 45 डिग्री और उससे भी अधिक तापमान झेलने के लिए खुद को तैयार नहीं पा रहे हैं। वैसे इक्का-दुक्का सैलानियों के समूह मौसम की इस मार का भी सामना करते हुए जैसलमेर आ रहे हैं।
इन देशों से ज्यादा आवक
जैसलमेर में सबसे ज्यादा संख्या में सैलानी यूरोप के चंद देशों फ्रांस, इटली, स्पेन, जर्मनी के साथ इंग्लैंड, बेल्जियम आदि से आते हैं। उनके अलावा ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा, इजराइल से भी पर्यटक पहुंचते हैं। सर्दियों में आने वाले पर्यटक आम तौर पर कामकाजी या स्कूल-कॉलेज में पढऩे वाले होते हैं। जो अपने दोस्तों के साथ या अकेले ज्यादातर घूमने आते हैं। जबकि जुलाई मध्य से अगस्त तक आने वाले विदेशी बड़ी संख्या पारिवारिक सदस्यों के साथ घूमने पहुंचते हैं। वे अपने स्कूल जाने वाले बच्चों की छुट्टियों के हिसाब से कार्यक्रम तय करते हैं। गौरतलब है कि जैसलमेर में देशी सैलानियों से पहले विदेशी पर्यटक ही आए थे। 1970 के दशक में सीमावर्ती क्षेत्रों में तेल-गैस की खोज करने वाली कम्पनी में काम करने के लिए फ्रांस के इंजीनियर यहां पहुंचे थे। उन्होंने तब जैसलमेर भी देखा और यहां से जाने के बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों को जैसलमेर की खूबसूरती के बारे में बताया। इसके बाद एक सिलसिला शुरू हो गया।
जैसलमेर में विदेशी पर्यटकों की संख्या में साल 2020 में कोरोना महामारी के आगमन के बाद उससे पहले की तुलना में कमी आई है। अब सब कुछ सामान्य हो गया है। आने वाले दिनों में पूर्व वर्षों की भांति विदेशी सैलानियों की संख्या में जरूर बढ़ोतरी होगी।
Published on:
21 Jun 2024 11:58 pm
बड़ी खबरें
View Allजैसलमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
