
जैसलमेर जिले के ब्रह्मसर क्षेत्र स्थित कचरा संग्रहण केन्द्र, डम्पिंग यार्ड को नहीं हटाए जाने से आहत क्षेत्र के बाशिंदों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने रोष जताते हुए जिला कलक्टर व नगरपरिषद आयुक्त को ज्ञापन भी सौंपे हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि बरमसर में स्थित कचरा संग्रहण केन्द्र में लाए जाने वाले कचरे का सेवन करने से दुधारू पशु असमय काल का ग्रास बन चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीणों का प्रमुख व्यवसाय खेती बाडी या कृषि का हैं, लेकिन कचरे से हवा में उडऩे वाली पॉलीथिन के जमाओं से जमीन की उर्वरक शक्ति खत्म हो रही हैं तथा कचरे से अनेक प्रकार के कीट पैदा हो रहे है, जो फसलों को चट कर जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार आग लगाकर कचरे को जलाया जाता है, जिससे निकलने वाले धुएं से सांस की बीमारी के मरीज बढऩे की आशंका गहरा रही है। प्रतिनिधि मंडल ने कलक्टर व नगरपरिषद आयुक्त से भेंट कर उन्हें अवगत कराया कि कचरा संग्रहण केन्द्र में बारिश के दिनों में गंदा पानी संग्रहण केन्द्र से निकलता है, जिससे पेड़-पौधे समाप्त हो रहे हैं। इसके अलावा गांव की आबादी क्षेत्र से करीब 300 मीटर की दूरी पर कचरा संग्रहण केन्द्र की स्थापना की गई, जो कि अनुचित है। यहां मंडाने वाली मक्खियों के कारण बीमारी फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि नगरपरिषद जैसलमेर की ओर से शहरी क्षेत्र मे पकड़े जाने वाले आवारा पशुओं को यहां लाकर छोड़ा जाता है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगरपरिषद को बड़ा बाग में तीन खसरे 11/546,12 और 71/547 आवंटित है, लेकिन वर्तमान में गांव बरमसर में कचरा संग्रहण केन्द्र राज्य सरकार के खसरा नम्बर 71 एवं 72 पर बना है, जो कि सही नहीं हैं। नगरपरिषद जैसलमेर की ओर से बायो मेडिकल वेस्ट के लिए कम्पनी को खसरा नम्बर 11/546 आवंटित कर दिया है। ग्रामीणों ने कचरा संग्रहण केन्द्र को गांव से 10-12 किलोमीटर दूर स्थापित कराने की मांग की है, वहीं नगर परिषद की ओर से आवंटित खसरा संख्या 11/546 को निरस्त करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने 26 अप्रेल तक समस्या का समाधान नहीं करवाए जाने की स्थिति में चुनाव का बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी है।
Published on:
21 Apr 2024 07:29 am
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