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जताया रोष: न मिल रहा वॉल्टेज, न मिट रही कटौती की समस्या

पोकरण क्षेत्र के सांकड़ा गांव में स्थित डिस्कॉम के 33 केवी जीएसएस पर शनिवार को बड़ी संख्या में किसानों ने एकत्रित होकर धरना दिया और बिगड़ी विद्युत व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

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पोकरण क्षेत्र के सांकड़ा गांव में स्थित डिस्कॉम के 33 केवी जीएसएस पर शनिवार को बड़ी संख्या में किसानों ने एकत्रित होकर धरना दिया और बिगड़ी विद्युत व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। जीएसएस अध्यक्ष दुर्गसिंह, नरपतसिंह, खंगारसिंह, मोहनसिंह, गणपतसिंह, मालमसिंह, मगसिंह, तेजसिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शनिवार को सांकड़ा गांव के जीएसएस पर एकत्रित हुए। ग्रामीणों ने बताया कि सांकड़ा जीएसएस से जुड़े सभी फीडरों से किए गए कृषि कनेक्शनों पर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था लंबे समय से लडखड़़ाई हुई है। जिसके कारण दिन व रात में कटौती के साथ ही पूरे वॉल्टेज के साथ आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि विद्युत कटौती व आवाजाही का हाल यह है कि एक घंटे में 8 से 10 बार बिजली कट जाती है। इसके अलावा अघोषित कटौती के दौरान घंटों तक बिजली बंद रहती है। पूरा वॉल्टेज नहीं मिलने के कारण मोटरपंप चालू ही नहीं हो पाते। कटौती व कम वॉल्टेज के कारण मोटरपंप जलकर खराब भी हो रहे है। ऐसे में किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिम्मेदारों को अवगत करवाने के बाद भी कोई कवायद नहीं की जा रही है।

समझाइश के बाद माने

बड़ी संख्या में किसानों ने जीएसएस पर धरना शुरू करते हुए डिस्कॉम अधिकारियों के विरुद्ध नारेबाजी की। सूचना पर डिस्कॉम के सहायक अभियंता धर्मेन्द्रकुमार मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की। किसानों ने कृषि कनेक्शनों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने, पूरे वॉल्टेज के साथ बिजली देने, हरियासर 33 केवी लाइन को बोनाड़ा तक अतिशीघ्र पूर्ण करने, सांकड़ा जीएसएस पर स्वीकृत चार नए फीडर का कार्य शीघ्र शुरू करने, देचू से आ रही आपूर्ति को शीघ्र बहाल करने, चौक फीडर के कुछ भाग को नानणियाई से जोडऩे, सनावड़ा फीडर के कुछ भाग को नानणियाई व लोहटा से जोडऩे, नेड़ान व खुहड़ा फीडर के कुछ भाग को केरालिया से जोडकऱ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुचारु करने की मांग की। जिस पर सहायक अभियंता ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। किसानों ने धरना समाप्त करते हुए समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन को तेज कर बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी।