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अच्छी बारिश ने रंगाई-पुताई की मांग को बढ़ाया, 3 हजार से ज्यादा पेंटर्स के लिए काम ही काम

- हर तीसरे घर और दूसरे प्रतिष्ठान में रंग-पेंट होगा- पत्थर ढोने वालों ने भी थामा ब्रश  

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अच्छी बारिश ने रंगाई-पुताई की मांग को बढ़ाया, 3 हजार से ज्यादा पेंटर्स के लिए काम ही काम

अच्छी बारिश ने रंगाई-पुताई की मांग को बढ़ाया, 3 हजार से ज्यादा पेंटर्स के लिए काम ही काम

जैसलमेर. हर तीसरे घर और दुकान तथा दूसरे होटल तथा रिसोर्ट में इन दिनों रंगाई-पुताई का सिलसिला शुरू होने से पेंटर्स के पास काम की इफरात हो गई है। इसके अलावा गत मानसून में जिलेभर में हुई चौतरफा बारिश के कारण घरों की रंगाई-पुताई करवाना लोगों के लिए जरूरी भी हो गया है। दिवाली के सीजन में जैसलमेर शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी रंगाई-पुताई करने वाले कामगारों की भारी मांग सामने आ रही है। एक अनुमान के अनुसार तीन हजार से ज्यादा पेंटर इस काम में जुट गए हैं। उनकी दिहाड़ी में भी इजाफा हुआ है। साथ ही जो मजदूर निर्माण कार्यों पर केवल पत्थर और सीमेंट-बजरी ढोने के काम में आते रहे हैं, उन्होंने भी बढ़ती मांग के मद्देनजर हाथों में ब्रश थाम लिया है। इस तरह के नौसिखिया पेंटर्स को भी काम मिल रहा है। पेट्रोलियम पदार्थों के भावों में पिछले एक साल के दौरान वृद्धि होने के चलते रंग-पेंट विशेषकर लग्जरी माने जाने वाले ऑयल पेंट की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है। इन सबके अलावा साज-सजावट के त्योहार दिवाली के मौके पर आशियानों की सुंदरता को बढ़ाने के लिए घर-घर रंगाई-पुताई और निर्माण कार्यों में तेजी स्वाभाविक तौर पर भी हो गई है।
पर्यटन से भी मिला सहारा
रंगाई-पुताई करने वालों को दो साल कोरोना की वजह से मंदी की मार झेलने वाले पर्यटन क्षेत्र में भी खूब काम मिल रहा है। सैकड़ों की तादाद में पेंटर्स को सम-खुहड़ी के रिसोट्र्स के अलावा जैसलमेर शहर की होटलों में पिछले एक पखवाड़े से भरपूर काम मिल रहा है। ऐसे एक-एक प्रतिष्ठान में दर्जन भर तक पेंटर एक साथ काम में जुटते हैं। आगे उन्हें लोगों के घरों में पेंटिंग का काम करने के ऑर्डर मिले हुए हैं तो ये पेंटर होटल-रिसोट्र्स में दिन-रात काम निपटाने में जुटे हुए हैं। पर्यटकों की इस बार खासी तादाद के जैसलमेर घूमने आने की संभावनाओं के मद्देनजर व्यवसायी अपने ठौश्र-ठिकानों को चमकाने में कोई कसर नहीं छोडऩा चाहते हैं।
बाजार में भी तेजी का दौर
शहर में दिवाली से पहले रंगाई-पुताई से संबंधित व्यवसाय करने तथा इस कार्य में जुटने वाले लोगों के तेजी का दौर चल रहा है। रंग-पेंट से लेकर अन्य हार्डवेयर का सामान बेचने वाले दुकानदारों को अच्छे व्यवसाय की पूर्व में जो उम्मीद थी, वह फलीभूत होती नजर आ रही है। पेंटर्स के अलावा निर्माण संबंधी कार्यों के कारीगरों व मजदूरों को दिन में 12 घंटे तक काम मिल रहा है। घर-प्रतिष्ठान संवारने वाले पेंटर्स की दिहाड़ी इन दिनों 800 से 1100 रुपए तक पहुंच गई है। सामान्य दिनों में ऐसे कारीगर 500-600 रुपए तक में मिल जाते हैं। छोटे-मोटे कार्य के लिए तो श्रमिकों व कुशल कारीगरों की पूरी तरह से कमी देखने को मिल रही है।

फैक्ट फाइल -
- 03 हजार से ज्यादा पेंटर जिले में कायर्रत
- 350 से 1400 रुपए लीटर ऑयल पेंट
- 800 से 1100 रुपए तक पेंटर की दिहाड़ी

अच्छा काम मिल रहा
इस बार दिवाली के सीजन में तमाम पेंटर्स और श्रमिकों को घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अच्छा काम मिल रहा है। बरसातों की वजह से भी हर किसी को घरों में रंगाई-पुताई करने के लिए हर कोई इच्छा रखता है।
- दिनेश रामावत, पेंटिंग ठेकेदार