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विभाग को मिला है 354 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य
जैसलमेर. किसानों को बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई सोलर पंप योजना बिजली विभाग को सौंपने के बाद से ठप पड़ी है। हालात यह है कि गत वित्तिय वर्ष में एक भी किसान को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका। जिससे किसानों को सिंचाई के लिए बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बनी योजना फ्लॉप हो गई। किसानों को सोलर पंप योजना का लाभ नहीं मिलने से जिम्मेदारों के दावों की पोल खुलने के बाद सरकार ने आनन फानन में बदलाव का फैसला किया और डिस्कॉम से यह योजना छीनकर उाद्यानिकी विभाग को सौंपने के आदेश जारी किए है।
इस साल है इतने लक्ष्य
वर्ष 2018-19 में जैसलमेर जिले को सोलर संयत्र परियोजना जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन और राज्य योजना के तहत क्रिंयान्वित के लिए 3 एचपी के सामान्य के 55, अजा के 14 और अजजा के 11 कुल 80 और 5एचपी में सामान्य के 225, अजा के 42, अजजा के 32 कुल 274 के लक्ष्य प्राप्त हुए है।
इन्हें तीन सालों से इंतजार
विशेषज्ञों के अनुसार सोलर प्लान्ट योजना से लाभान्वित होने के लिए गत तीन सालों में 917 पत्रावलियां ऑनलाइन हुई है। जिले में तीन सालों में ऑनलाइन लंबित पत्रावलियां इस प्रकार है-
वर्ष लंबित पत्रावलियां
2016-17 28
2017-18 692
2018-19 297
कुल 917
यह है योजना
विशेषज्ञों के अन ुसार वर्ष 2018-19 में सौर उर्जा पम्प संयत्र पर कृषि विद्युत कनेक्शन के लिए आवदेन मांगे गए है। इसमें विद्युत विभाग में आवेदन करने वाले किसान का नाम कृषि विद्युत कनेक्शन के लिए डिस्कॉम की वरीयता सूचि में होने के बाद आवेदन समर्पित करता है तो लाभार्थी को लाभ दिया जाएगा। जानकारों के अनुसार लाभार्थी को आधार लागत पर 3 एचपी व 5 एचपी के संयत्र पर 75 प्रतिशत अनुदान देय होगा।
1105 सोलर पंप लगे है जिले में
वर्ष सौर उर्जा संयंत्र
2011-12 34
2012-13 108
2013-14 334
2014-15 225
2015-16 0
2016-17 404
2017-18 0
कुल 1105
्इन्हें नहीं मिलेगा लाभ
कृषक जिनके पास वर्तमान में कृषि विद्युत कनेक्शन है, पूर्व में सौर ऊर्जा पम्प परियोजना अन्तर्गत अनुदान प्राप्त कर लिया है। उन्हें सौर ऊर्जा पम्प संयत्र स्थापना पर अनुदान देय नहीं होगा।
इतना मिलेगा अनुदान
तीन एचपी सोलर पम्प संयत्र के लिए कृषक के पास न्यून्तम 0.5 हेक्टयर भू स्वामित्व, सिंचाई के लिए ड्रिप/फव्वारा के साथ जल संग्रहण ढांचा/डिग्गी/फार्म पॉण्ड/जलहौज या भूमिगत जल स्त्रौत की व्यवस्था, सतही जल स्त्रौत जिसमें डिग्गी/सामुदायिक पॉण्ड, जलहौज आदि आते है के लिए तीन एचपी के सौर उर्जा संयत्र पर ही अनुदान देय है। कृषक अपने आवश्यकतानुसार व स्वेच्छा से 5 एचपी, 7.5 एचपी व 10 एचपी के सौर उर्जा पम्प संयत्र लगाना चाहते है तो अनुदान 3 एचपी के सौर उर्जा संयत्र पर अनुदान के बराबर दिया जाएगा। शेष अतिरिक्त राशि कृषक स्वंय को वहन करनी होगी।
इसी तरह पांच एचपी सोलर पम्प संयत्र के लिए कृषक के पास न्यूनतम एक हेक्टयर से अधिक भूमि का भू-स्वामित्व, न्यून्तम दो हजार वर्गमीटर उच्च उद्यानिकी/कृषि फसल ले रहा हो, फव्वारा/ड्रिप से न्यून्तम 0.75 हैक्टयर उद्यानिकी/कृषि फसल ले रहा हो और कृषक के पास जल संग्रहण ढांचा/डिग्गी/फार्म पॉण्ड/जलहौज या भूमिगत जल स्त्रौत की व्यवस्था हो को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा भूमिगत जल स्त्रौत जिसमे कुआं एवं ट्यूबवैल/नलकूप आदि पर जो कृषक अपनी आवश्यकतानुसार व स्वेच्छा से 7.5 एचपी, 10 एचपी के सौर उर्जा पम्प संयत्र लगाना चाहते है तो ऐसे कृषकों को सौर उर्जा पम्प संयत्र पर अनुदान 5 एचपी के सौर उर्जा संयत्र पर देय अनुदान के बराबर होगा। शेष राशि किसान को स्वयं को वहन करनी होगी।
15 तक पेश करें आवेदन
वरियता सूची में जिन किसानों का नाम है और उन्हें सोलर पंप नहीं मिला है वे ऑनलाईन पत्रावलियो की हार्डकॉपी मय दस्तावेज एवं कम्पनी के कॉटेशन सहित 15 मई तक उद्यान विभाग के सहायक निदेशक कार्यालय में जमा करवा सकते है। पत्रावाली जमा नहीं कराने वाले कृषकों की वरीयता स्वत: निरस्त मानी जावेगी।
- खींयाराम कृषि अधिकारी उद्यान विभाग, जैसलमेर
गत साल नहीं लगा एक भी सोलर
गत साल सोलर पंप लगाने का जिम्मा कृषि विभाग के पास नहीं था। डिस्कॉम को सोलर पंप देने की जिम्मेदारी देनी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से जैसलमेर के खेतों में सोलर पंप नहीं लगा। अब उद्यान (कृषि) विभाग को जिम्मा दिया है। 354 किसानों को 15 मई तक सोलर पंप देने की योजना बनाई गई है।
- राधेश्याम नारवाल उपनिदेशक कृषि विस्तार, जैसलमेर
Published on:
04 May 2018 11:00 am
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