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पत्रिका अभियान – घर-घर पहुंच रहा जहर – सब्जी व फलों में कितना जहर, नहीं कोई खबर!

- सब्जी व फलों की जांच के नहीं प्रावधान -सड़ा हुआ माल नष्ट करवा जिम्मेदार हो रहे मुक्त

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Jitendra Kumar Changani

May 18, 2017

zahar

Pesticides in Food

जैसलमेर. मानव के शरीर को पोषित करने वाले सब्जी व फलों को पकाने के नमूनों की जांच को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं है। इन दिनों कच्चे फलों व सब्जियों को पकाने की प्रक्रिया में उपयोग में लिए जा रहे जहर से बिगड़ रही गुणवत्ता की जानकारी होने के बाद भी जिम्मेदार इस सबंध में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। ऐसे में आमजन जहरीली सब्जियां व फल खाने को मजबूर है।
‘सिस्टम’ में यूं घुल रहा जहर
विशेषज्ञों की माने तो ऑफ सीजन में मिलने वाले फल व सब्जियां सर्वाधिक नुकसानदेह है। बिना सीजन के मिलने वाली सब्जियां व फल ‘अप्राकृतिक’ होने से ये जहरीले हो जाते है। फल व सब्जी को जल्दी पकाने के लिए इनके सिस्टम में जहर डाला जाता है, जो बेहद ही खतरनाक होता है। फल व सब्जी के सिस्टम में घुला जहर शरीर के नवर्स सिस्टम को प्रभावित करता है।
यह प्रक्रिया है खतरनाक
जानकारों की माने तो जल्दी पकाने व वेट बढ़ाने के लिए कई बार सब्जी व फलों के पौधों व कच्चे फलों में प्रतिबंधित इंजेक्शन का उपयोग करते है। इंजेक्शन के लगने के बाद 24 घंटे में ही सब्जी का आकार व भार सामान्य से अधिक हो जाता है। जानकार इंजेक्शन प्रक्रिया से पकाए गए फल व सब्जियो को सेहत के लिए नुकसानदेह बताते हैं।
अब तक नहीं लिए सेम्पल
सब्जी व फलों के सैंपल की जांच का प्रावधान नहीं है और न ही कोई मानक निर्धारित किए गए है। ऐसे में इनके नमूने की जांच नहीं की जा सकती। फलों व सब्जियों की गुणवत्ता की जांच के लिए अलग से लेब की व्यवस्था भी नहीं है। सड़ रही सब्जियों व फलों को ष्ट करने की कार्यवाही की गई, लेकिन कभी सेम्पल को लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच नहीं करवाई गई है।
-लक्ष्मीकांत गुप्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जैसलमेर