
जैसलमेर जिले के लाठी क्षेत्र के चाचा गांव में स्थित शिवनाथ सिंह भोमिया मंदिर इन दिनों पक्षी प्रेम का अनोखा उदाहरण बना हुआ है। यहां मंदिर के पुजारी तेजाराम पंवार की आवाज सुनते ही सुबह और शाम सैकड़ों पक्षी जंगल से निकलकर मंदिर परिसर में दाना चुगने के लिए पहुंच जाते हैं। दाना चुगने के बाद पक्षी फिर वापस जंगल की ओर लौट जाते हैं। पुजारी और पक्षियों के बीच विश्वास का यह संबंध लंबे समय से बना हुआ है।
पुजारी तेजाराम पंवार रोज सुबह लगभग छह बजे और शाम करीब पांच बजे टोकरी में दाना लेकर मंदिर परिसर में पहुंचते हैं। जैसे ही वे पक्षियों को आवाज लगाते हैं, देखते ही देखते आसपास के जंगलों से बड़ी संख्या में पक्षी मंदिर प्रांगण में आ जुटते हैं। पुजारी इन पक्षियों को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं और रोज उनके लिए दाना व पानी की व्यवस्था करते हैं। मंदिर परिसर में पक्षियों और जंगली जानवरों के लिए बनाए गए पानी के टब को भी प्रतिदिन साफ कर ताजा पानी भरा जाता है।
पुजारी का यह सेवा भाव देखकर चाचा और खेतोलाई गांव के ग्रामीण भी सहयोग कर रहे हैं। पक्षियों के लिए नियमित आहारग्रामीण घर-घर से दाना एकत्र कर मंदिर तक पहुंचाते हैं, जिससे पक्षियों के लिए नियमित भोजन की व्यवस्था बनी रहती है। मंदिर परिसर में मुख्य रूप से मोर, तीतर, कबूतर और चिड़िया सहित अनेक प्रजातियों के पक्षी सुबह-शाम दाना चुगने आते हैं। पुजारी की आवाज से परिचित ये पक्षी निडर होकर मंदिर परिसर में पहुंच जाते हैं, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति की आहट मिलते ही तुरंत उड़कर जंगल की ओर लौट जाते हैं पक्षियों की सुरक्षा को लेकर पुजारी हमेशा सतर्क रहते हैं। मंदिर के आसपास आने वाले अनजान लोगों पर नजर रखी जाती है ताकि शिकार जैसी घटनाओं की संभावना न रहे।
Published on:
05 Mar 2026 08:15 pm
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