
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में ट्रैक सुधार अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जोधपुर-जैसलमेर रेलखंड पर 121 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ओएमएस ट्रेन का सफल परीक्षण किया गया। इससे पहले इस रेलखंड पर अधिकतम 100 किमी प्रति घंटा की गति सीमा लागू थी। परीक्षण की सफलता के साथ ही भविष्य में इस मार्ग पर तेज और सुगम रेल संचालन की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। मंडल में पिछले कुछ समय से ट्रैक के सुनियोजित अनुरक्षण, ट्रैक मशीन कार्य और तकनीकी उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया गया।
इन प्रयासों के बाद जोधपुर-जैसलमेर रेलखंड पर उच्च गति परीक्षण किया गया, जिसमें ट्रैक की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। परीक्षण के दौरान 0.2 जी से अधिक का कोई पीक दर्ज नहीं हुआ। यह ट्रैक की मजबूती और सुरक्षित संचालन का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। उपलब्धि में इंजीनियरिंग विभाग की सतत निगरानी, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क की प्रमुख भूमिका रही। जैसलमेर सेक्शन की इंजीनियरिंग टीम, मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और ट्रैक मशीन स्टाफ के समन्वित प्रयासों से यह परिणाम सामने आया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के सुधार कार्यों से भविष्य में अधिक गति, सुरक्षित यात्रा और बेहतर रेल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।
ओएमएस (दोलन निगरानी प्रणाली) भारतीय रेलवे की उन्नत तकनीक है, जिसका उपयोग ट्रैक की गुणवत्ता जांचने के लिए किया जाता है। यह प्रणाली चलती ट्रेन के दौरान कंपन और झटकों का विश्लेषण कर ट्रैक की वास्तविक स्थिति का आकलन करती है। इससे कमजोर स्थानों की समय रहते पहचान कर सुधार संभव होता है और रेल संचालन अधिक सुरक्षित बनता है।
Published on:
05 Mar 2026 08:38 pm
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