8 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘लाइफ’ को खतरे में डाल सकता है फेसबुक ‘लाइव’,जानिए पूरी खबर

-लोहावट में हुई दुर्घटना से भी नहीं ले रहे सबक -फेसबुक लाइव की बढ़ रही प्रवृत्ति चिंता का सबब

2 min read
Google source verification
Increasing trend of Facebook Live is dangerous for life

Increasing trend of Facebook Live is dangerous for life

जैसलमेर. सोशल मीडिया के अहम प्लेटफार्म फेसबुक पर इन दिनों निजी वाहन से यात्रा के दौरान ‘लाइव’करने का चस्का युवाओं के सिर चढक़र बोल रहा है।जैसलमेर षहरी क्ष् ोत्र के साथ ग्रामीण इलाकों के युवा भी एसयूवी, कार आदि वाहनों में बैठे होने के दौरान ‘लाइव’ करते हैं।कई जने साथ-साथ कमेंट्री भी करते चलते हैं।इस लाइव में वाहन चालक भी हिस्सेदारी करते नजर आ जाते हैं। पिछले षुक्रवार को जोधपुर-फलोदी स्टेट हाइवे पर फेसबुक लाइव के दौरान एक एसयूवी लोहावट के पास पेड़ से टकरा गई थी।जिसमें चालक की मौके पर मौत हो गई जबकि तीन अन्य सवार बुरी तरह से जख्मी हो गए।इस घटना के बाद भी यात्रा के दौरान लाइव करने का चस्का मंदा पड़ता दिखाईनहीं दे रहा।


तेज गति में लाइव का जोखिम
जैसलमेर के अनेक युवा बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, नाथद्व ारा, अहमदाबाद, सूरत आदि षहरों के साथ पहाड़ी क्ष् ोत्रों में घूमने के दौरान एफबी लाइव करना नहीं भूलते।इसमें वाहन में सवार सभी लोग बारी-बारी से कैमरे के सामने आते हैं। यहां तक कि चालक भी रास्ते से ध्यान हटाकर इस ‘लाइव षो’ में षिरकत करने से नहीं चूकते।लाइव के दौरान गाड़ी तेज गति से भागती नजर आती है। लाइव कर रहे युवा ‘लाइक’और ‘कमेंट’पर भी नजर गड़ाए रहते हैं।बिना यह याद रखते हुए कि 100 से 140 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार में चल रही गाड़ी में अन्यत्र ध्यान देना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।

मौसम अपडेट देने की सनक
एफबी लाइव के दौरान मौसम के करवट बदलने को दर्षाने के लिए संबंधित लोग बेहद चेष्टावान नजर आते हैं।नेषनल हाइवे हो या स्टेट हाइवे, गाड़ी चलाने के दौरान अंधड़ अथवा बारिष के समय जहां ज्यादा मुस्तैदी से वाहन चलाने की जरूरत होती है, वहां भी जिंदगी के प्रति लापरवाही दर्षाते हुए लाइव करने का षौक उनके सिर चढक़र बोल रहा है।जानकारों के अनुसार इस प्रवृत्ति के पीछे षेखी बघारने और अधिक से अधिक लाइक व कमेंट हासिल करने की खतरनाक चाहत मौजूद रहती है।षहरी लोगों के साथ ग्रामीण क्ष् ोत्र के रहवासियों में भी सफर के समय लाइव करने की फितरत फैषन बनती जा रही है।पिछले दिनों अंधड़ के दौरान जिले में रास्तों पर रेत के विषाल टीले बन जाने के समय भी अनेक लोगों ने फेसबुक लाइव किए थे।

सेल्फी जैसा खतरनाक
जानकारों की मानें तो जिस तरह से मोबाइल पर सेल्फी लेने की सनक ने कई जिंदगियों को लील लिया, वैसा ही खतरनाक कार्य यात्रा के दौरान एफबी लाइव करने का है। जिस पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो आने वाले वक्त में यह सडक़ हादसों की बड़ी वजह के रूप में सामने आएगा।मालूम हो कि ऊंचाई तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर सेल्फी लेते हुए देष-दुनिया में हजारों लोग जान से हाथ धो बैठे हैं।इनमें अधिकांषत: युवा वय के होते हैं।

सावचेती बरतने की जरूरत
वाहन चलाते समय लाइव करना जोखिम भरा कार्य है। इससे बचना चाहिए।जिला पुलिस भी इस संबंध में जन जागरण का दायित्व वहन करेगी।आमजन से भी अपील है कि वे वाहन चलाते समय पूरी सावचेती बरतें।
-गौरव यादव, जिला पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर