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आबाद घर आबादी से हुए आबाद, बंतली का सपना बना हकीकत

-बंतली का सपना बना हकीकत

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आबाद घर आबादी से हुए आबाद, बंतली का सपना बना हकीकत

आबाद घर आबादी से हुए आबाद, बंतली का सपना बना हकीकत


जैसलमेर. प्रशासन गांवों का संग अभियान के शिविरों की कड़ी में सोमवार को ग्राम पंचायत सलखा में आयोजित प्रशासन गांवों के संग अभियान का आयोजन हुआ। शिविर प्रभारी सांवरमल रैगर को जैसे ही ग्राम पंचायत सलखा के निर्वाचित मुखिया किशनसिंह ने प्रार्थनापत्र पेश कर आग्रह किया कि उनके गांव सलखा में 1965 के आसपास भूमि बंदोबस्त के बाद पांच जनगणना होने के बाद भी कभी ग्राम आबादी भूमि नहीं बढाई गई जबकि नियमानुसार जनसंख्या के अनुपात में 47 बीघा आबादी भूमि कम पड़ रही है। इस पर शिविर प्रभारी ने सहप्रभारी नायब तहसीलदार को वास्तविक स्थिति का पता लगाने और आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया, जिस पर भू अभिलेख निरीक्षक जोगाराम और पटवारी जालमसिंह ने चलते शिविर में ही ग्राम में बसी हुई आबादी का सर्वेक्षण कर प्रस्ताव तैयार किए तथा शिविर प्रभारी ने बसी हुई आबादी की लगभग 90 बीघा भूमि को आबादी हेतु आरक्षित कर 5 दशकों से आबादी भूमि के चल रहे सूखे को खत्म किया तो आबादी घोषित करने के आदेश ने आबाद मकानों के पट्टों के लिए पथराई आंखों को रेगिस्तान में समुन्द्र का एहसास करा दिया इसी प्रकार ग्राम की 75 वर्षीय वृद्ध विधवा बन्तलीदेवी के पति की मृत्यु के पश्चात शामलाती खाते में उनका और उनकी चार पुत्रियों का नाम तो दर्ज हो गया पर पुत्र न होने से वंश आगे न बढऩे का मलाल और कमी का एहसास तो उम्र भर रहना ही था पर एक पुत्री की भी मृत्यु होने से नामान्तरण में उस पुत्री के कायममुकाम का नाम दर्ज कराकर भूमि को शामलाती खाते से विभाजित करवाकर स्वयं के परिवार के नाम करवाना किसी स्वप्न से कम नहीं था, इसके लिए वृद्धा ने हल्का पटवारी जालमसिंह से सम्पर्क किया तो उन्होंने सहृदयता का परिचय देते हुए बन्तलीदेवी की दिवंगत पुत्री का नामन्तरण हाथोंहाथ स्वीकृत करवा कर विभाजन का प्रस्ताव तैयार कर बन्तलीदेवी स्वयंए पुत्रियों और स्वर्गीय पुत्री के वारिसान तथा सहखातेदारों को तहसीलदार चतुरसिंह के समक्ष पेश कर जमीन का विभाजन करवाकर अपनी भूमि का 20 साल बाद वास्तविक हक प्राप्त किया तथा अपनी सजल आंखों से राजस्व विभाग की पूरी टीम को कृतज्ञता और डबडबाई आँखों से हल्का पटवारी और गिरदावर सहित राजस्व की पूरी टीम ओर पुर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल की सहज सरल और त्वरित राहत प्रदान करने की भूरि भूरि प्रशंसा की। शिविर में समाजकल्याण विभाग ने दिव्यांग केशरसिंह को हाथों हाथ ट्राईसाईकल देकर शिविर का वास्तविक लाभ दिया। शिविर में 140 नामान्तरण 112 शुद्धि तथा 5 विभाजन किए गए।