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Jaisalmer: DRDO गेस्ट हाउस से पाकिस्तान जा रही थी खुफिया जानकारी! हिरासत में लिया गया मैनेजर, यहीं रुकते थे बड़े-बड़े वैज्ञानिक

जैसलमेर में स्थित DRDO के गेस्ट हाउस के प्रबंधक महेंद्र सिंह को खुफिया एजेंसियों ने सोमवार को जासूसी के संदेह में हिरासत में लिया है। महेंद्र सिंह पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए संवेदनशील जानकारियां साझा करने का आरोप है।

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DRDO guest house Manager arrested
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DRDO गेस्ट हाउस का मैनेजर गिरफ्तार (फोटो- एआई)

जैसलमेर। केन्द्रीय खुफिया रक्षा एजेंसियों ने सोमवार को जैसलमेर के चंदन फील्ड फायरिंग रेंज के पास स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) गेस्ट हाउस के प्रबंधक महेंद्र सिंह को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इसपर संदेह है कि यह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रहा था।

जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने महेंद्र की हिरासत की पुष्टि करते हुए बताया कि उससे मंगलवार को संयुक्त खुफिया एजेंसियों द्वारा गहन पूछताछ की जाएगी। जांच का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि उसने कौन-कौन सी जानकारियां साझा कीं और यह गतिविधि कितने समय से चल रही थी। इस दौरान सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां मिलकर उस सूचना का पूरा खुलासा करेंगी, जो उसने कथित तौर पर ISI के साथ साझा की थी।

4-5 साल से गेस्ट हाउस में था तैनात

दरअसल, उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले का रहने वाला महेंद्र सिंह पिछले चार-पांच साल गेस्ट हाउस में रह रहा था। इसपर सीमा पार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को संवेदनशील जानकारी मुहैया कराने का संदेह है। डीआरडीओ के जिस गेस्ट हाउस में यह तैनात था, इसी गेस्ट हाउस में विशेष अभियानों के दौरान डीआरडीओ के विशेषज्ञ और वैज्ञानिक हमेशा से ठहरते रहे हैं। यह गेस्ट हाउस चंदन फील्ड फायरिंग रेंज के पास में स्थित है।

सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है यह गेस्ट हाउस

शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि वह संभवतः पाकिस्तान में सक्रिय ISI एजेंटों से मोबाइल फोन के जरिए संपर्क में था। उसे यह नंबर भारत में सक्रिय नेटवर्क के जरिए मिला हो सकता है। गौरतलब है कि यह गेस्ट हाउस सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जहां भारत की सेनाएं विभिन्न सैन्य अभ्यास और हथियार परीक्षण करती हैं। यह स्थान पोखरण फायरिंग रेंज के पास होने के कारण और भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

पूछताछ में हो सकता है बड़ा खुलासा

जासूसी की इस आशंका से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है, विशेष रूप से पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान की गतिविधियों के मद्देनजर यह गंभीर मामला है। खुफिया एजेंसियां अब यह मूल्यांकन कर रही हैं कि लीक हुई जानकारी का दायरा कितना व्यापक है और इससे भारत की सुरक्षा पर कितना प्रभाव पड़ सकता है।