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विश्वस्तरीय बनने को तैयार जैसलमेर स्टेशन: 90 फीसदी कार्य पूरा, स्थानीय शैली और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा संगम

पर्यटन और सामरिक दृष्टि से अहम जैसलमेर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अंतिम चरण में है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 140 करोड़ की लागत से स्टेशन को विश्वस्तरीय स्वरूप दिया जा रहा है।

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पर्यटन और सामरिक दृष्टि से अहम जैसलमेर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अंतिम चरण में है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 140 करोड़ की लागत से स्टेशन को विश्वस्तरीय स्वरूप दिया जा रहा है। करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही स्टेशन यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए नए अंदाज़ में खुलने को तैयार है।
नया स्टेशन परिसर लगभग 8327 वर्ग मीटर क्षेत्र में तैयार किया गया है। मुख्य भवन को राजस्थानी हैरिटेज और आधुनिक डिज़ाइन का मेल देकर आकर्षक लुक दिया गया है। स्टेशन का एयर कॉनकोर्स एरिया 1008 वर्ग मीटर में तैयार किया गया है, जिसमें 480 वर्ग मीटर स्थान वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए आरक्षित है। यात्रियों के लिए वेटिंग रूम, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फूड कोर्ट, एग्जीक्यूटिव लाउंज जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।

स्टेशन पर तीनों प्लेटफार्मों को कवर करने का काम तेजी से चल रहा है। एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए 6 मीटर चौड़े दो नए फुट ओवरब्रिज तैयार हो रहे हैं। 10 लिफ्ट और 10 एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं ताकि दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और यात्री आसानी से आवाजाही कर सकें।

सिटी सेंटर की अवधारणा के साथ विकास

स्टेशन परिसर को 'सिटी सेंटर' की अवधारणा के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह सिर्फ यात्री सुविधा केंद्र नहीं बल्कि शहर का एक प्रमुख आकर्षण बन सके। पार्किंग को सुव्यवस्थित बनाया गया है और संकेतक, डिजिटल कोच गाइडेंस बोर्ड, बेगेज स्कैनर, मेटल डिटेक्टर जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। 900 केवीए क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए हैं। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन सिस्टम लगाया गया है और कचरा प्रबंधन की भी व्यवस्था की गई है। आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को ध्यान में रखते हुए 6 ईवी चार्जिंग प्वाइंट भी जोड़े गए हैं।

35 हजार यात्रियों की क्षमता

नई सुविधाएं प्रतिदिन 35,000 यात्रियों की क्षमता को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही हैं। स्टेशन के पुनर्विकास को अगले 50 वर्षों की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया गया है। स्वर्ण नगरी का यह नया प्रवेश द्वार अब पर्यटकों, सेना के जवानों और स्थानीय नागरिकों को विश्वस्तरीय अनुभव देने को तैयार है।