
Jaisalmer patrika
जैसलमेर(फलसूण्ड). एक तरफ सरकार की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत को जयपुर मुख्यालय से जोडऩे तथा सीधे संवाद के लिए राजनेट के उपकरण स्थापित करने पर लाखों रुपए की धनराशि भी खर्च की गई है। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक कई जगहों पर इस योजना की सही क्रियान्विती नहीं होने से ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सरकार की लाखों रुपए की धनराशि का भी कोई उपयोग नहीं हो रहा है। योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर स्थित अटल सेवा केन्द्रों पर कमरे में कुल सात पाइंट स्थापित किए गए है। छत पर एक डिश तथा कमरे में कुछ उपकरण लगाए गए है। इन सात पाइंटों के माध्यम से दो ई-मित्र, दो आधार कार्ड, एक मनरेगा व दो वीसी सेट के पाइंट सेट किए गए है, जिससे अटल सेवा केन्द्र में सीधे जयपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंस की जा सकेगी। इसके अलावा भामाशाह, आधार कार्ड, राशन कार्ड बनाने जैसी सुविधा भी इन उपकरणों से मिल पाएगी।
नहीं मिल रहा है लाभ
इस योजना के शुरू होने के बाद ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी व उनका लाभ ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही मिल सकेगा। उन्हें तहसील, पंचायत समिति व जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कई ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर अभी तक ये सुविधा शुरू नहीं हो पाई है, जिसके चलते ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उन्हें आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड सहित प्रमाण पत्र बवाने के लिए निजी ई-मित्र केन्द्रों या तहसील अथवा जिला मुख्यालय पर जाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार की लाखों रुपए की धनराशि खर्च का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
यहां शुरू नहीं हुई योजना
सरकार की ओर से राजनेट के माध्यम से इस सुविधा को लागू किया जाना है। जिसके अंतर्गत फलसूण्ड, मानासर, भुर्जगढ, पदमपुरा, स्वामीजी की ढाणी सहित कई ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर स्थित अटल सेवा केन्द्रों पर डिश व उपकरण लगाए जा चुके है, लेकिन उन्हें चालू नहीं किया गया है। जिससे ग्रामीणों को इन उपकरणों की सेवाओं व योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। बावजूद इसके प्रशासन व सरकार की ओर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
Published on:
22 Dec 2017 10:03 am
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