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जैसलमेर की इन एसबीआई शाखाओं में कार्मिकों की कमी, ग्राहक परेशान

- एसबीआई में लग रही है लम्बी कतारें

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Lack of personnel in SBI branches, customer disturbance

जैसलमेर की इन एसबीआई शाखाओं में कार्मिकों की कमी, ग्राहक परेशान

पोकरण. कस्बे में स्थित सबसे पुराने व नगरपालिका के सामने सबसे बड़े राष्ट्रीयकृत बैंक स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया में कार्मिकों की कमी के चलते यहां आने वाले ग्राहकों को परेशानी हो रही है तथा यहां आए दिन भीड़ उमड़ रही है। गौरतलब है कि नगरपालिका के सामने स्थित एसबीआई बैंक शाखा कस्बे की सबसे पुरानी व बड़ी बैंक है। यहां हजारों की संख्या में खातेदार है। जिसमें अधिकांश संख्या सरकारी कार्मिकों, पेंशनधारकों, पूर्व सैनिकों, व्यापारियों व किसानों की है। यहां प्रतिदिन ग्राहकों की भीड़ उमड़ती है तथा पुरुष व महिलाओं की अलग-अलग लम्बी लाइनें लग जाती है। यहां गत लम्बे समय से कार्मिकों की कमी व कुछ कार्मिकों के अवकाश पर होने के कारण ग्राहकों को अपने लेनदेन मेें परेशानी हो रही है। यह समस्या गत एक वर्ष से चल रही है। ऐसे में देर शाम तक भी कई बार लेनदेन नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों व पूर्व सैनिकों को अपना लेनदेन बिना निपटाए ही बेरंग लौटना पड़ रहा है। जब वे गांव से दूसरे दिन वापिस आते है, तब तक पुन: ग्राहकों की भीड़ व लम्बी लाइनें लग जाती है। ऐसे में दो से तीन दिन तक भीड़ में धक्का खाने के बाद उनका लेनदेन हो पाता है। सोमवार को बैंक में ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही थी। ऐसे में बैंक परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति हो गई थी। ग्राहक शाम चार बजे तक भी परेशान हो रहे थे। जबकि बैंक कार्मिकों के छुट्टी पर होने के कारण कई काउंटर खाली पड़े थे तथा एक-एक कर्मचारी को दो से तीन कार्मिकों का कार्य करना पड़ रहा था।
यहां नकदी की कमी से हो रही परेशानी
नाचना. गांव में स्थित राष्ट्रीयकृत बैंक की एकमात्र शाखा स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया में नकदी की किल्लत से ग्राहकों को परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि गांव में एकमात्र बैंक शाखा में किसानों, मजदूरों, सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों सहित आम लोगों के हजारों खाते है। ऐसे में यहां प्रतिदिन ग्राहकों की भीड़ उमड़ती है। बैंक में गत कुछ दिनों से नकदी की कमी हो गई है। जिसके चलते ग्राहकों को अपने खातों में राशि जमा होने के बावजूद भुगतान नहीं मिल रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है तथा ग्राहकों को खाली हाथ ही घर लौटना पड़ रहा है। विशेष रूप से किसानों व व्यापारियों को नकदी नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है।

नहीं मिल रही है पर्याप्त राशि
स्थानीय शाखा में 30 लाख रुपए नकद रखने की सीमा है। पोकरण, जैसलमेर व फलोदी से इस शाखा को नकदी नहीं मिलने से वे ग्राहकों को नहीं दे पा रहे है। नकदी की कमी से एटीएम में भी राशि नहीं डाली जा रही है।
-हरिओम गोयल, शाखा प्रबंधक एसबीआई, नाचना।