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पत्रिका लाइव - किसानों की आमदनी बढ़ाने नवाचार के दिए निर्देश
जैसलमेर . कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रभुलाल सैनी ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में कृषि, पशुपालन, विपणन अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में नए प्रयोग करने की बात कही। पशुपालन विभाग के प्रदर्शन को लेकर नाराजगी जताई। पशुओं में फैली बीमारी तथा मोबाइल वैन के गांवों में नहीं पहुंचने की बात पर अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा- आपकी ‘तकलीफ’ मुझे तकलीफ दे रही, यह तकलीफ कहीं तकलीफ ना बन जाए...।
जैतून की खेती हो सकती है कारगर
मंत्री ने कहा कि जैसलमेर में किसानों के लिए जैतून की खेती काफी कारगर साबित हो सकती है। इससे जहां तेल का उत्पादन होता है, वहीं पत्तियां भी काफी उपयोगी होती है। चाय के रूप में इसका उपयोग करने से 12 तरह केंंसर खत्म हो जाते हैं। इसकी विदेशों में भी काफी मांग है। इसका तेल दिल के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।
किसान से ज्यादा खुद रखें अनार का ध्यान
अनार के बगीचों को लेकर सैनी ने कहा कि अनार जहां किसान के लिए वरदान है, वहीं अभिशाप भी बन सकता है। इसके पौधों पर किसान से ज्यादा आप ध्यान रखें। कहीं भी किसी तरह की दिक्कत दिखने पर तुरंत निदान जरूरी है।
पशुओं में बीमारी- उपलब्ध करवाएं मिनरल्स
जिले कर्रा बीमारी के चलते कई पशुओं की मौत हो रही है। इसको लेकर जनप्रतिनिधियों ने मंत्री के सामने बात रखी तो उन्होंने अधिकारियों से जानकारी चाही। उन्होंने कहा कि कई पशुओं में कुछ मिनरल्स की कमी होने पर वे मृत पशुओं की हड्डियां चबाने लगते हैं। इससे बीमारी के किटाणु उनके पेट में चले जाते हैं। फिर इस बीमारी का कोई इलाज भी नहीं है। वहीं चिकित्सा स्टाफ की भी कमी है।
मोबाइल वैन की बात पर ठनी
पशुओं में फैली बीमारी को लेकर अधिकारियों ने कहा कि विभाग की मोबाइल वैन गांवों में पहुंच रही है। इस पर जिला प्रमुख अंजना मेघवाल ने कहा कि वैन किसी गांव में नहीं जा रही। अंतिम बार कौनसे गांव में वैन पहुंची है। इस पर अधिकारी असमंजस में दिखे, उन्होंने स्टाफ से बात कर जानकारी लेने की बात कही। इस पर मंत्री ने कहा अब जहां भी वैन जाएगी जनप्रतिनिधियों की इसकी सूचना अवश्य दें। रात्रि चौपाल के दिन सुबह से चौपाल खत्म होने तक वैन वहीं रहनी चाहिए।
कृषि विकास योजना में अधिक से अधिक फार्म पॉण्ड महानरेगा योजना में भी बनवाने, मृदा जांच कर जिस तत्व की कमी हो उसे दूर करने के लिए सुक्ष्म पोषक के कीट वितरण कर उर्वरा शक्ति में बढ़ोतरी की बात कही।
उपलब्ध होगा यूरिया
जिले में यूरिया की कमी को लेकर विश्वास दिलाया कि जल्द ही 1 हजार मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंनें कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों के साथ चौपाल का आयोजन कर उनकी जमीन में जो फसल कम उत्पादन होती है, उसकी जगह दूसरी फसल जो अधिक मात्रा में उत्पादित हो सकती है उसके बारे में बताएं।
Published on:
16 Jan 2018 02:14 pm
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