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पोकरण (जैसलमेर). कस्बे में वर्षों पूर्व लगाए लोहे व सीमेंट के विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होकर गिरने के कगार पर है। इसके चलते हादसे की आशंका बनी हुई है। जबकि डिस्कॉम की ओर से इन विद्युत पोलों को बदलने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे कभी भी तेज हवा या आंधी के दौरान इनके गिरने तथा किसी व्यक्ति या भवन के उसकी चपेट में आने से दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि कस्बे में करीब छह दशक पूर्व विद्युतीकरण के दौरान विभिन्न मोहल्लों में लोहे के पोल लगाए गए थे। उसके बाद कुछ स्थानों पर लोहे के पोल हटा सीमेंट के पोल भी लगाए गए। समय के साथ लोहे के पोल नीचे से जंग लग कर कमजोर हो गए हैं। इसके अलावा कई सीमेंट के पोल वाहन की टक्कर या सीमेंट उखड़ जाने के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ये टूटे विद्युत पोल कस्बेवासियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं तथा हादसे को निमंत्रण दे रहे हैं।
मात्र तारों के सहारे विद्युत पोल
कस्बे के अधिकांश मोहल्लों में क्षतिग्रस्त विद्युत पोल मात्र तारों के सहारे टिके हुए हैं, वहीं कई पोल पास ही स्थित मकानों की दीवारों के सहारे अटके हुए हैं। इससे पोल के पास स्थित मकान मालिक भी परेशान हैं तथा उसे ऐसे पोल गिर जाने से मकान क्षतिग्रस्त होने की चिंता भी सता रही है। विभिन्न मोहल्लों में स्थित ऐसे पोल, जो नीचे से गल गए है अथवा टूटे हुए मात्र तारों के सहारे ही टिके हुए है, जिनके कभी भी तेज हवा, आंधी या तारों के टूट जाने से बड़े हादसे का भी कारण बन सकता है। दूसरी तरफ डिस्कॉम अभियंताओं को इसकी जानकारी के बावजूद मूकदर्शक बने हुए हैं।
कई बार करवाया गया है अवगत
कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में क्षतिग्रस्त विद्युत पोल हादसे को निमंत्रण दे रहे हैं। यहां आसपास निवास कर रहे लोगों ने कई बार डिस्कॉम अभियंताओं को पोल बदलने की मांग भी की, लेकिन उनकी ओर से विद्युत पोलों को बदलने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कस्बे में भवानीप्रोल जाने वाले मार्ग पर, भास्कर मोहल्ला, सावों का बास शिव गांधी के घर के पास में, गांधियों की गली सहित कस्बे के कई मोहल्लों में विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हैं। कुछ मोहल्लों में क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को पत्थर व लोहे की एंगल का सहारा देकर उन्हें गिरने से बचाने का असफल प्रयास किया गया है, लेकिन तेज आंधी व बारिश के दौरान इन विद्युत पोलों के गिर जाने से भी इनकार नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके डिस्कॉम अभियंताओं की ओर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
Published on:
04 Apr 2018 10:54 am
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