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स्वर्णनगरी में केवल नाम का है रैन बसेरा

नगर परिषद की ओर से संचालित रैन बसेरा की दशा सर्द मौसम में भी कुछ ज्यादा नहीं बदली है।

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Mukesh Kumar Sharma

Dec 16, 2015

jaisalmer

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जैसलमेर।नगर परिषद की ओर से संचालित रैन बसेरा की दशा सर्द मौसम में भी कुछ ज्यादा नहीं बदली है। हनुमान चौराहे पर स्थित रैन बसेरे में रंग रोगन का करने के साथ दो गार्ड भी लगाए हैं। लेकिन यहां बमुश्किल 20 से 25 लोगों के लिए बिस्तरों की व्यवस्था है। इससे अधिक होने पर बिस्तरों व कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बिस्तर व कंबल काफी पुराने हो चुके हैं। तापमान में लगातार आ रही गिरावट के बावजूद नगरपरिषद ने अभी तक स्थायी रैन बसेरों का इंतजाम नहीं किया है।


अभी भी कई निराश्रित व गरीब तबके के लोग गड़ीसर प्रोल के पास, बीपी टेेंक के सामने और रेलवे स्टेशन के आस पास निवास कर रहे हैं। कड़ाके की सर्दी के बीच शरीर को गला देने वाले मौसम में गरीब तबके के लोगों को आश्रय देने के लिहाज से नगरपरिषद की ओर से एक मात्र रैन बसेरा हनुमान चौराहे पर संचालित किया गया है। यहां सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। सुविधाओं के अभाव में यहां काफी कम संख्या में लोग विश्राम के लिए पहुंच रहे हैं।

न सुविधाएं, न व्यवस्थाएं

हनुमान चौराहे पर संचालित रैन बसेरे में करीब डेढ़ सौ लोगों के एक साथ विश्राम करने की जगह है, लेकिन यहां सुविधाओं का टोटा होने के साथ पर्याप्त व्यवस्थाओं का अभाव है। दिन में तो यहां केवल दरियां बिछाकर कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है। गरीबों के सोने के लिए यहां न तो बिस्तर हैं और ना ही पर्याप्त रजाइयां व कंबल की व्यवस्था है।