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पूर्णिमा पर स्वर्णनगरी बनी धर्मनगरी, जमकर हुआ दान-पुण्य

वैशाख मास की पूर्णिमा के मौके पर स्वर्णनगरी जैसलमेर का नजारा पूरी तरह से बदला-बदला नजर आया। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बावजूद सैकड़ों की तादाद में लोगों ने विभिन्न मंदिरों में पहुंच कर दर्शन किए और बढ़-चढकऱ दान-पुण्य किया। गुरुवार को पूर्णिमा की सुबह से अलग ही नजारा नजर आया।

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वैशाख मास की पूर्णिमा के मौके पर स्वर्णनगरी जैसलमेर का नजारा पूरी तरह से बदला-बदला नजर आया। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बावजूद सैकड़ों की तादाद में लोगों ने विभिन्न मंदिरों में पहुंच कर दर्शन किए और बढ़-चढकऱ दान-पुण्य किया। गुरुवार को पूर्णिमा की सुबह से अलग ही नजारा नजर आया। गोशालाओं में गोवंश को हरी घास खिलाई गई तो मंदिरों में दर्शन कर प्रार्थना व पूजा-अर्चना की गई। इसी प्रकार जरूरतमंदों को नकद राशि व अन्य सामग्री दान की गई। शहरवासियों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी दर्शनार्थ उमड़े। सबसे ज्यादा भीड़ दुर्ग स्थित नगर आराध्य भगवान लक्ष्मीनाथजी के मंदिर में देखी गई। यहां सुबह जल्दी से दोपहर तक दर्शनार्थियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। शहर के हनुमान चौराहा, गीता आश्रम मार्ग, गोपा चौक क्षेत्र, शिव मार्ग, पार्किंग स्थल, गड़ीसर चौराहा आदि में स्वयंसेवी लोगों की ओर से राहगीरों के लिए शर्बत, शीतल पेयजल, शिकंजी आदि पेय पदार्थों की व्यवस्था की गई। एक तरफ प्रचंड गर्मी में लोग गत कई दिनों से घरों से बाहर निकलने से परहेज करते हैं वहीं गुरुवार को धार्मिक भावनाओं के वशीभूत होकर पुरुषों के अलावा महिलाएं व बच्चे भी मंदिर-मंदिर दर्शन करने पहुंचे।