
शहीद उदयसिंह सोढ़ा के बलिदान दिवस पर समारोह का आयोजन
चांधन. शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा.. । एक कविता की यह पंक्तियां किसी शहीद के स्मारक को देख कर साकार हो उठती हैं। ऐसे ही एक शहीद उदयसिंह सोढ़ा की यादें ताजा कर देती है। सियाचीन ग्लेशियर में बर्फीली चोटियों पर शून्य सेमी से भी कम तापमान में अपना कर्तव्य निर्वहन करते साथियो के साथ सौ फीट गहरी खाई में गिरने से बचाने के प्रयास में स्वयं 27 सितंबर 2000 को सदा के लिए अमर हो गए। गुरुवार को चांधन क्षेत्र के शहीद उदयसिंह सोढ़ा के 18वें बलिदान दिवस पर पैतृक गांव धायसर में शहीद स्मारक पर क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण शहीद उदयसिंह सोढ़ा आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी व शिक्षकों ने शहीद स्मारक पर छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित करके पुष्पांजली अर्पित की गई। शहीद उदयसिंह सोढ़ा आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धायसर के कक्षा 10, 11 एवं 12 के छात्रों की ओर से शहीद के सम्मान में शारीरिक शिक्षक मनोहरसिंह के निर्देशन में सामूहिक सलामी परेड प्रस्तुत की गई। छात्र-छात्राओं की ओर से देश भक्ति गीत और शहीद की जीवन गाथा का प्रस्तुतीकरण किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अचल सिंह ने बताया कि शहीद की न कोई जाति होती है, न कोई समाज होता है और न ही कोई धर्म होता है। वह अपनी मातृभूमि की रक्षार्थ प्राणों की बाजी लगा देते हैं। शहीद शब्द ही अपने आप में एक विशाल सर्वगुण संपन्न होता है। राज्य सरकार की ओर से शहीद सोढ़ा के सम्मान में उनके पैतृक गांव की आदर्श राउमावि का नामकरण शहीद उदय सिंह सोढ़ा आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धायसर किया गया, जिससे शहीद की चिरस्थायी यादगार बनीं रहेगी। शहीद उदयसिंह सोढ़ा स्मृति संस्थान के सचिव रविंद्र सिंह ने बताया कि ऐसे वीर पुरुषों के नामकरण वाले विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चों में देश भक्ति की भावना राष्ट्र प्रेम की भावना मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना का विकास होता है। उनकी कुर्बानियां को भुलाया नहीं जा सकता। आदर्श शिक्षण संस्थान के निदेशक भीमसिंह ने डेलासर गांव के भारतीय थल सेना के जवान गोमदराम की असाध्य बिमारी के कारण हुई मौत पर उनके बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने की घोषणा की। इस दौरान पूर्व विधायक जालमसिंह, पदमसिंह, नखताराम दर्जी, बूलसिंह बडोडा़ गांव, झबरसिंह, ऊगमसिंह, उम्मेदाराम, चतुर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। शहीद के बड़े भाई पदमसिंह सोढा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
Published on:
28 Sept 2018 08:38 am
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