
शराबियों के काम आ रहा एक करोड़ का ओवरब्रिज,आखिर ऐसा क्यों? जानिए पूरी खबर
जैसलमेर. एक करोड़ रुपए का बेशकीमती ओवरब्रिज उद्घाटन के अभाव में महज शराब और बीयर पीने वालों के काम आ रहा है। बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं और अन्य निजी स्कूलों के विद्यार्थी तथा आमजन आज भी व्यस्ततम सडक़ मार्ग को जोखिम उठा कर पार करते हैं। ओवरब्रिज की सीढिय़ों से लेकर फर्श तक पर शराब की बोतलों के कांच इतनी ज्यादा मात्रा में बिखरे हुए हैं। गौरतलब है कि पर्यटन के लिहाज से विष्वस्तरीय पहचान बना चुकी स्वर्णनगरी में बनाया गया यह पहला ओवरब्रिज कोई दो साल से पूर्ण निर्मित होने के बावजूद किसी के उपयोग में नहीं आ रहा। पहले इसे ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर नगरपरिषद ने लेटलतीफी दर्शाई थी। अब बनने के बाद इस महत्वपूूर्ण सुविधा का उपयोग नहीं हो पा रहा है। जैसलमेर नगरपरिषद की तरफ से बनाया गया यह ओवरब्रिज स्थानीय राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास से सडक़ के उस पार मदरसा रोड तक बनाया गया है। जानकारी के अनुसार नगरपरिषद प्रशासन इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री या किसी अन्य बड़े नेता से करवाने की मंशा रखता है। मुख्यमंत्री पहले दो बार जैसलमेर का भ्रमण कर चुकी हैं और एक बार फिर आगामी 23 तारीख को उनका जैसलमेर आने का कार्यक्रम बना है।
बिगाड़ा जा रहा स्वरूप
ओवरब्रिज के फर्श पर बोतलों के टूटे कांच और कचरा देखने से ही पता चल जाता है कि, एक करोड़ रुपए लगाकर नगरपरिषद इसकी सुध लेना भूला हुआ है। इतना ही नहीं ओवरब्रिज के दोनों तरफ मनमाने ढंग से प्रचार सामग्री लगाकर उसका स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है। आए दिन किसी न किसी कार्यक्रम अथवा व्यक्ति विशेष के हॉर्डिंग व बैनर यहां दिखाई दे जाते हैं। मार्ग के रेलवे स्टेशन, गड़ीसर, नगरपरिषद, कलक्ट्रेट, बाड़मेर मार्ग जाने में उपयोग होने के कारण छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, वहीं हर समय राहगीरों का आना जाना बना रहता है। ऐसे में दुर्भाग्यवश हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
हादसों से बचाव के लिए कराया निर्माण
नगरपरिषद की ओर से उक्त मार्ग पर बालिका विद्यालय आया होने और पूर्व में हो चुके हादसों को देखते हुए ओवरब्रिज निर्माण का निर्णय लिया गया था। ओवर ब्रिज निर्माण करवाने का मुख्य उद्देश्य राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में पढऩे वाली बालिकाओं व समीप की अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों को आवागमन संबंधी परेशानियों से निजात दिलाना है। यह सुविधा शुरू किए जाने पर राहगीरों व विद्यार्थियों को आवाजाही में राहत मिल सकेगी।
फैक्ट फाइल
- 01 करोड़ रुपए का निर्माण में हुआ खर्च
- 02 साल से बनकर तैयार है ओवरब्रिज
- 03 स्कूलों के विद्यार्थियों का होता है आवागमन
Published on:
07 Aug 2018 12:50 pm
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