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पोकरण: ध्वस्त होने के कगार पर बस स्टैंड का मुख्य द्वार, जमींदोज हो गई सड़क भी

पोकरण कस्बे में जोधपुर रोड के किनारे स्थित केन्द्रीय बस स्टैंड में अव्यवस्थाओं के चलते यहां से सफर करने वाले सैकड़ों यात्रियों को परेशानी से रु-ब-रु होना पड़ रहा है।

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पोकरण कस्बे में जोधपुर रोड के किनारे स्थित केन्द्रीय बस स्टैंड में अव्यवस्थाओं के चलते यहां से सफर करने वाले सैकड़ों यात्रियों को परेशानी से रु-ब-रु होना पड़ रहा है। जबकि जिम्मेदारों की ओर से यहां यात्रियों के लिए पुख्ता प्रबंध करने को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार कस्बे में वर्षों पूर्व बस स्टैंड स्थापित किया गया था। यहां से निजी व रोडवेज बसों का संचालन होता है। इस बस स्टैंड में सुविधाओं के विस्तार का जिम्मा नगरपालिका पर है, लेकिन वर्षों से यहां विकास के नाम पर कोई कार्य नहीं करवाया गया है। ऐसे में यात्रियों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि करीब एक दशक पूर्व यहां कुछ कार्य अवश्य करवाए गए थे, लेकिन समय पर सार-संभाल नहीं होने के कारण वे कार्य भी जर्जर हो चुके है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी हो रही है।

हादसे की बनी आशंका

बस स्टैंड के दक्षिणी भाग में मुख्य द्वार का निर्माण करवाया गया था। करीब एक दशक पूर्व निर्माण करवाए गए इस द्वार की एक बार भी मरम्मत नहीं की गई है। जिसके कारण द्वार जीर्ण-शीर्ण व जर्जर हो गया है। जिसके कभी भी गिरकर ध्वस्त हो जाने से किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर, बस स्टैंड में वर्षों पूर्व निर्माण करवाई गई डामर सडक़ पूरी तरह से जमींदोज हो गई है। 2012-13 में डामर सडक़ का कार्य शुरू कर उसे अधूरा ही छोड़ा गया था, जो आज तक पूरा नहीं हो पाया है। उस समय बिछाई गई कंकरीट भी अब गायब हो चुकी है। बस स्टैंड में चारों तरफ सडक़ का नामोनिशां ही गायब हो चुका है। ऐसे में वाहन चालकों व यात्रियों को परेशानी हो रही है। विशेष रूप से बारिश के दौरान यहां चारों तरफ पानी जमा हो जाता है, जिसके कारण यात्रियों व वाहनों का निकलना भी दुश्वार हो जाता है।

दर्जनों बसों का हो रहा संचालन

केन्द्रीय बस स्टैंड से प्रतिदिन कस्बे से निकलने वाली सभी रोडवेज बसों के साथ फलसूंड, बायतु, बाड़मेर, राजमथाई, भणियाणा, बारठ का गांव, रातडिय़ा आदि रूटों पर निजी बसों का संचालन होता है। ऐसे में प्रतिदिन एक हजार से अधिक यात्री सफर करते है, जबकि बस स्टैंड में सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। छाया, पानी सहित विश्राम की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है।

उड़ती रेत, रोज की परेशानी

बस स्टैंड में सडक़ पूरी तरह से जमींदोज हो गई है। जिससे दिनभर रेत उड़ती रहती है। साथ ही आवागमन में भी परेशानी होती है। जिससे परेशानी हो रही है।

  • राजेन्द्र शर्मा, दुकानदार बस स्टैंड, पोकरण

सुविधाओं का विस्तार नहीं

बस स्टैंड में सुविधाएं नहीं है। मुख्य द्वार क्षतिग्रस्त है। विश्राम गृह भी जर्जर हो रहा है। जबकि यहां विकास कार्य नहीं करवाए जा रहे है। जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।

  • सूर्यप्रकाश विश्नोई, यात्री