
वर्ष 1974 और 1998 में परमाणु परीक्षण के बाद जैसलमेर जिले का पोकरण क्षेत्र देश-दुनिया में सुर्खियों में आया। पत्रिका टीम ने जब यहां पहुंचकर लोगों से इसके बारे में जानना चाहा तो कई चौंकाने वाले और दर्दभरे खुलासे सामने आए। लोगों ने बताया कि...

सेवानिवृत शिक्षक मांगीलाल विश्नोई बताते हैँ कि परमाणु परीक्षण के कारण खेतोलाई गांव के नाम से हर किसी को गर्व होता है। लेकिन इसने गांव को कैंसर, खुजली जैसी बीमारियां भी दी हैं, इससे मौतें हो रही हैं, मवेशी भी रेडिएशन से अपंग, अंधेपन के शिकार हो रहे हैं। उनके मुताबिक बीमार गायों के दूध से बीमारी इंसानों तक पहुंच रही हैं।

हालांकि अभी तक ऐसी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है कि जिससे यहां रेडिएशन की पुष्टि हो। लेकिन इन दशकों में यहां कैंसर के मरीज बढऩे से ग्रामीण रेडिएशन को ही वजह मान रहे हैं।





