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पोकरण : हर बरसात में गड्ढे लील रहे मासूमों की ज़िंदगियां, हादसों से सबक नहीं

पोकरण क्षेत्र में कभी सडक़ निर्माण तो कभी अन्य कार्य के लिए मिट्टी, ग्रेवल की खुदाई के कारण हुए गड्ढ़ों में बारिश के दौरान भरा पानी हर साल जानलेवा साबित हो रहा है।

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पोकरण क्षेत्र में कभी सडक़ निर्माण तो कभी अन्य कार्य के लिए मिट्टी, ग्रेवल की खुदाई के कारण हुए गड्ढ़ों में बारिश के दौरान भरा पानी हर साल जानलेवा साबित हो रहा है। बावजूद इसकेे जिम्मेदारों की ओर से इन गड्ढ़ों को भरवाने को लेकर गंंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। सरहदी जिले के पोकरण क्षेत्र में कई जगहों पर अवैध खुदाई से गहरे गड्ढ़े हो रखे है। इसके अलावा कहीं सडक़ों के निर्माण के दौरान आसपास से ग्रेवल खुदाई कर उपयोग ली जाती है। इस दौरान गहरे गड्ढ़ों को पुन: नहीं भरा जाता है। यही गड्ढ़े बारिश के दौरान काल का कारण बन जाते है।

यहां समस्या ज्यादा

क्षेत्र के लाठी, केरालिया, नेड़ान, सनावड़ा, सांकड़ा, चाचा, थाट, केलावा, पाउपाडिया, सतासर, पुरोहितसर, मोराणी, लवां, एकां, फलसूंड, कजोई, पारासर, नाचना के साथ नहरी क्षेत्र में कई जगहों पर भूमि में ग्रेवल, मिट्टी, पत्थर, बजरी, जिप्सम आदि कई तरह की सम्पदाएं है। अवैध व असमान रूप से खुदाई किए जाने के कारण ऐसे बड़े गड्ढ़े हो चुके है। इन गड्ढ़ों में बारिश के दौरान पानी भर जाता है और छोटे बच्चों व युवाओं की नासमझी के कारण नहाने के लिए उतर जाते है एवं हादसे का शिकार हो जाते है। यहां चेतावनी बोर्ड लगाने सहित सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं है।

पत्रिका ने चेताया था

क्षेत्र में मानसून की बारिश से पूर्व 15 जून को राजस्थान पत्रिका के 'पोकरण : हर साल हादसे, फिर भी जिम्मेदारों की अनदेखी ' शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया था।

चार मासमों की मौत से छाई शोक की लहर

क्षेत्र के नई मांगोलाई गांव में हजूरखां का परिवार निवास करता है। जिसके पांच संतानें थी। इसमें से चार बच्चों अहमद (8), हामिद (2), रिजवाना खातुन (11) व मेमूना (6) की खेत के पास खोदे गए गड्ढ़े में गत दिनों बारिश से भरे पानी में डूबने से मौत हो गई। चार भाई-बहिनों की एक साथ मौत हो जाने से क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। एक ही घर से चारों के जनाजे साथ उठे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नम आंखों से विदाई दी। परिवार में दो दिन से कोहराम मचा हुआ है और माता-पिता, दादा-दादी व परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। गुरुवार को दिनभर घर पर मिलने वालों व सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।