13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Crime News- ऐसी होती है कलयुगी संतान, जीवित मां को मृत बताकर किया यह फर्जीवाड़ा

जीवित मां को मृत बताकर कर दिया मुरबे का फर्जी बेचान -पुलिस ने किया गिरफ्तार

2 min read
Google source verification
Jaisalmer crime news

patrika news

जैसलमेर. लालच कितनी बुरी बला होती है, यह एक बार फिर कलयुगी संतान ने साबित कर दिया। चंद रुपयो के लालच में एक पुत्र ने अपनी जीवित मॉं को मृत बताकर मॉं के नाम के मुरब्बे को बैच दिया। जब जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को इस बात का पता चला तो उसने आरोपित के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला पुलिस थाने में दर्ज करवाया। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे किया फर्जीवाड़ा
पुलिस ने अनुसार आरोपित ने अपनी जीवित मॉं को मृत बताकर पहले तो फर्जी नामांतरण करवाया और इसके बाद कृषिभूमि के मुरब्बे का बैचान कर दिया। इसकी जानकारी जब मुरब्बा खरीदने वाले को मिली तो उसने इसकी रिपोर्ट पुलिस थाने में दी। जिस पर आरोपित हीरदान के विरुद्ध मामला दर्ज कर मामले की जांच की गई। मामला सच साबित होने पर उसे गिरफ्तार किया गया।

IMAGE CREDIT: patrika

यह है मामला

पोकरण पुलिस ने बाड़मेर जिलांतर्गत गिराब थानाक्षेत्र के बालेवा निवासी एक व्यक्ति को धोखाधड़ी कर अपनी मां के नाम आवंटित मुरबे को फर्जी बेचान करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
थानाधिकारी माणकराम विश्रोई ने बताया कि नाचना निवासी हरीशकुमार पुत्र किशनलाल माली की ओर से पुलिस में रिपोर्ट पेश कर बताया गया था कि बालेवा निवासी हीरदान की माता हंजूदेवी के नाम से उपनिवेशन क्षेत्र नाचना के चक संख्या 4 एलएम में एक मुरबा स्थित है। हीरदान ने अपनी माता को मृत बताकर उसका नामांतरणकरण अपने नाम करवा लिया तथा उसे मुरबे का फर्जी बेचान कर दिया, जिसका पंजीयन उपपंजीयन कार्यालय में करवाया गया। उसे कुछ दिन बाद जानकारी मिली कि बेचानकर्ता हीरदान की माता जीवित है तथा हीरदान की ओर से फर्जी नामांतरणकरण करवाकर भूमि का बेचान कर उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर इसकी जांच उपनिरीक्षक पदमाराम को सुपुर्द की गई। पुलिस ने हीरदान को धोखाधड़ी कर मुरबे का फर्जी नामांतरणकरण करवाने व बेचान करने के आरोप में गिरफ्तार किया। उसे बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां उसे न्यायिक अभिरक्षा में रखने के आदेश दिए गए।