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टिड्डियों ने भरवाए सारे रिक्त पद! जैसलमेर के कृषि विभाग में 77 कार्मिकों की पोस्टिंग

वर्षों से सीमावर्ती जैसलमेर जिले के कृषि विभाग में अधिकारियों और कार्मिकों के पदों पर एक ही आदेश में नियुक्त किया जाना चर्चा का विषय बन गया है। कृषि आयुक्तालय की ओर से जारी आदेश में 77 जनों को प्रदेश भर से जैसलमेर जिले में पदस्थापित किया गया है।

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टिड्डियों ने भरवाए सारे रिक्त पद! जैसलमेर के कृषि विभाग में 77 कार्मिकों की पोस्टिंग

जैसलमेर. वर्षों से सीमावर्ती जैसलमेर जिले के कृषि विभाग में अधिकारियों और कार्मिकों के पदों पर एक ही आदेश में नियुक्त किया जाना चर्चा का विषय बन गया है। कृषि आयुक्तालय की ओर से जारी आदेश में 77 जनों को प्रदेश भर से जैसलमेर जिले में पदस्थापित किया गया है। जिनमें कृषि अनुसंधान अधिकारी तथा कृषि अधिकारी के एक-एक पद के साथ एक दर्जन सहायक कृषि अधिकारी तथा ६३ कृषि पर्यवेक्षकों को यहां लगाया गया है। ये पद पिछले कई वर्षों से रिक्त चल रहे थे, जिससे कृषि विभाग संबंधी गतिविधियों के संचालन में दिक्कतें पेश आ रही थी। सीमावर्ती जैसलमेर में कृषि विभाग के इन कार्मिकों को पिछले दिनों टिडï्डी दलों के हमले के बाद उपजे हालात के मद्देनजर लगाया गया है। आयुक्तालय की ओर से जारी आदेश में भी कहा गया कि जैसलमेर जिले में टिड्डी प्रकोप के प्रवेश, विस्तार और पुन: प्रकटन से होने वाली व्यापक हानि से बचाव व रोकथाम कार्यों का सम्पादन करने के लिए रिक्त चल रहे पदों को तत्काल भरा जाना अत्यंत आवश्यक है जिससे क्षेत्र में तकनीकी जानकारी का सम्प्रेषण, बचाव और रोकथाम के सभी उपाय करवाए जा सके। गौरतलब है कि जैसलमेर स्थित उपनिदेशक, कृषि विस्तार विभाग की ओर से भी विभागीय उच्चाधिकारियों को टिड्डी दलों की सूचना व रोकथाम के संबंध में जरूरी कार्रवाई करने में रिक्त पदों के कारण लाचारी जताई गई थी। जिले के पोकरण उपखंड क्षेत्र में विविध स्थानों पर टिड्डियों के आगमन से राज्य स्तर तक चिंता के हालात बन गए थे
पूर्व में तबादले हुए थे, आया नहीं था कोर्ई
गौरतलब है कि वर्षों पूर्व जिले में नियुक्त 30 कृषि पर्यवेक्षकों में से 29 व एक वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक का स्थानान्तरण कर दिया गया था और उनकी जगह लेने कोई नहीं आया था। जिससे जिले के किसानों को समय पर कृषि योजनाओं और नई तकनीक की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। अब जो थोकबंद तबादले किए गए हैं, उनमें से भी कितने अधिकारी व कार्मिक यहां आकर कार्यभार संभालेंगे, अभी नहीं कहा जा सकता। जानकारों के अनुसार जैसलमेर जिला प्रदेश में सबसे दूरस्थ माना जाता है और यहां आकर सेवाएं देने से आमतौर पर अधिकारी व कार्मिक कतराते रहे हैं। यही वजह है कि मंत्री व उच्चाधिकारी तक कई बार मातहत कार्मिकों को सीमांत जैसलमेर जिले में तबादला करने की धमकियां देते रहे हैं।

फील्ड में कमी थी
कृषि आयुक्तालय की ओर से कृषि अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के ७७ पदों पर नियुक्ति किए जाने से कामकाज सुचारू होने में मदद मिलेगी। खासतौर पर फील्ड में कार्य करने वालों की कमी दूर होगी। टिड्डी दलों के आगमन के बाद हमारी ओर से रिक्त पदों की ओर ध्यान दिलाया गया था।
- राधेश्याम नारवाल, उपनिदेशक, कृषि विस्तार, जैसलमेर