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प्रतापपुरी बोले: पत्थरबाजों के पक्ष में कैसा भाईचारा?

पोकरण विधायक प्रतापपुरी ने कांग्रेस नेता हरीश चौधरी के बयानों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि निहत्थे और निर्दोष कार्यकर्ताओं पर महिलाओं और बच्चों को ढाल बनाकर पथराव करना कौनसे संविधान में लिखा है? प्रतापपुरी ने कहा कि जब बासनपीर में इस घटना के विरोध में धरना दिया गया, तब भाईचारे की बात करने वाले नेता वहां क्यों नहीं पहुंचे?

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बासनपीर गांव में ऐतिहासिक छतरियों के पुनर्निर्माण को लेकर उत्पन्न विवाद पर पोकरण विधायक प्रतापपुरी ने कांग्रेस नेता हरीश चौधरी के बयानों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि निहत्थे और निर्दोष कार्यकर्ताओं पर महिलाओं और बच्चों को ढाल बनाकर पथराव करना कौनसे संविधान में लिखा है? प्रतापपुरी ने कहा कि जब बासनपीर में इस घटना के विरोध में धरना दिया गया, तब भाईचारे की बात करने वाले नेता वहां क्यों नहीं पहुंचे? उन्होंने कहा कि वोटों की राजनीति के चलते कुछ लोग पत्थरबाजों के रक्षक बनकर खड़े हैं, जबकि बीते वर्षों में आस्था स्थलों पर हमले हुए और किसी भी मामले में पूर्ववर्ती सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। महंत प्रतापपुरी ने आरोप लगाया कि उनके विधायक बनने के बाद कुछ लोग मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने चेताया कि ऐसे तत्वों को जवाब देना आता है। उनका कहना था कि पंचायतों और विधायिका में वर्षों से जमे लोग अब बाहर हो गए हैं और इसी बौखलाहट में हमले करवा रहे हैं।

पुनर्निर्माण वैधानिक, फिर भी हमला

प्रतापपुरी के अनुसार जब 10 जुलाई को जब निर्माण प्रारंभ किया गया, तो कुछ तत्वों ने पुलिस की मौजूदगी में समिति के कार्यकर्ताओं पर पथराव किया, जिससे कई लोग घायल हो गए। उन्होंने बासनपीर में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने और विद्यालय का पुराना गेट पुनः खोलने की मांग की ताकि भविष्य में विवाद न हो। इस दौरान समिति के सदस्य हरिसिंह मिठडाऊ, सुनील पालीवाल, गणपतसिंह, मूलाराम चौधरी, अधिवक्ता कंवराजसिंह राठौड़ भी मौजूद रहे।