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JAISALMER NEWS- धोरों में ‘झूलती’ सीमा की सुरक्षा- अंधड़ के दौरान और कठिन हुई सीमा प्रहरियों की ड्यूटी

-शाहगढ़ बल्ज क्षेत्र में अंधड़ के दौरान और कठिन हुई सीमा प्रहरियों की ड्यूटी

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सीमा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित, फिर भी मुस्तैद जवान

जैसलमेर. सीमावर्ती जैसलमेर जिले के भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में पिछले दिनों से चल रहे 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार वाली हवाओं ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों की परेशानियों में इजाफा कर दिया है। जिले के शाहगढ़ बल्ज क्षेत्र में शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स पर इन दिनों रेत के धोरे तेजी से अपनी जगह बदल रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा की तारबंदी हवा में झूल रही है। उसकी सुरक्षा में भी बल के सीमा प्रहरी धूल के थपेड़ों के वार झेलते हुए दिन-रात चौकसी बरत रहे हैं। रही-सही कसर सीमा क्षेत्र में विद्युत आपूर्तिव्यवस्था ने ठप होकर पूरी कर दी है। बियाबान सीमा क्षेत्र में सायं-सायं करती आंधियों के चलते दृष्यता बेहद कम है। जवान सिर व मुंह को पटके से ढंक कर तथा काले चश्मे आंखों पर चढ़ाए रखते हैं।
पेट्रोलिंग में इजाफा
शाहगढ़ बल्ज इलाके मेंिि श्फ्टंग सेंड ड्यून्स की समस्या के मद्देनजर अंधड़ के इस दौर में बल ने पेट्रोलिंग में बढ़ोतरी कर दी है। इसके अलावा अलार्मिंग का सहारा लिया जा रहा है। ज्यादा संख्या में जवानों की तैनाती की जा रही है। केंद्र सरकार के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से धोरों के खिसकने से तारबंदी के नीचे दब जाने की समस्या के समाधान के लिए कार्य हाथ में लिया गया है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने इस संबंध में बजट जारी करना भी शुरू किया है।
स्थायी समाधान होगा
शाहगढ़ बल्ज क्षेत्र में सीमा सुरक्षा में आ रही परेशानियों का स्थायी समाधान करवाया जाएगा। यहां तारबंदी की ऊंचाई को बढ़ाने के साथ जरूरी रिपेयरिंग भी करवाई जाएगी। इंजीनियरिंग विभाग अपने कार्य में जुट गया है। वैसे अंधड़ में भी बल के जवान मुस्तैदी से कर्तव्य पथ पर जुटे हुए हैं।
- अनिल पालीवाल, आईजी, सीसुब, जोधपुर