के बाद से ही प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं के रामदेवरा आने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो लगातार एक माह तक जारी रहता है। गांव में मंगलवार रात्रि 12 बजे के बाद से ही दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की रेलमपेल शुरू हो गई थी। बुधवार को अलसुबह चार बजे जैसे ही मंदिर का मुख्य द्वार खुला हजारों की तादाद में उपस्थित श्रद्धालु बाबा के जयकारे लगाते हुए मंदिर में उमड़ पड़े। अलसुबह बाबा की समाधि पर दुग्धाभिषेक किया गया तथा काजू, बादाम, अखरोट, मक्खन, मिश्री का भोग लगाया गया। समाधि समिति की ओर से कतार में खड़े श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक दर्शन करवाने के लिए समाधि के दोनों तरफ से चार-चार कतार में दर्शन करवाए जा रहे है, ताकि बिना किसी परेशानी के श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जा सके। दर्शनों के बाद श्रद्धालुओं को रामसरोवर की पाल की तरफ से बाहर निकाला गया।