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Video Ramdevra fair- बाबा रामदेव मेला 2017- द्वितीया को उमड़ा आस्था का ज्वार, बढऩे लगी श्रद्धालुओं की आवक

देश के कोने कोने से हजारों की तादाद में आए श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि के दर्शन किए

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Jitendra Kumar Changani

Aug 09, 2017

जैसलमेर
(रामदेवरा). बाबा रामदेव के अंतरप्रांतीय मेले के शुरू होने से एक पखवाड़े पूर्व ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे लगी है। माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया को दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। बाबा रामदेव के जयकारों से वातावरण धर्ममय नजर आया। बुधवार को मंदिर परिसर से लेकर करणी द्वार तक श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें लगी। कृष्ण पक्ष की द्वितीया को देश के कोने कोने से हजारों की तादाद में आए श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि के दर्शन किए।
रक्षाबंधन
के बाद से ही प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं के रामदेवरा आने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो लगातार एक माह तक जारी रहता है। गांव में मंगलवार रात्रि 12 बजे के बाद से ही दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की रेलमपेल शुरू हो गई थी। बुधवार को अलसुबह चार बजे जैसे ही मंदिर का मुख्य द्वार खुला हजारों की तादाद में उपस्थित श्रद्धालु बाबा के जयकारे लगाते हुए मंदिर में उमड़ पड़े। अलसुबह बाबा की समाधि पर दुग्धाभिषेक किया गया तथा काजू, बादाम, अखरोट, मक्खन, मिश्री का भोग लगाया गया। समाधि समिति की ओर से कतार में खड़े श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक दर्शन करवाने के लिए समाधि के दोनों तरफ से चार-चार कतार में दर्शन करवाए जा रहे है, ताकि बिना किसी परेशानी के श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जा सके। दर्शनों के बाद श्रद्धालुओं को रामसरोवर की पाल की तरफ से बाहर निकाला गया।

गांव में रही चहल-पहल

भादवा माह के कृष्ण पक्ष में बुधवार को द्वितीया के अवसर पर अपेक्षा से कई गुणा अधिक भीड़ देखने को मिली। पोकरण रोड, मेला चौक, रेलवे स्टेशन रोड, परचा बावड़ी, झूला पालना, रुणीचा कुंआ आदि जगहों पर दिन भर चहल पहल देखने को मिली। भीड़ को देखते हुए पुलिस की ओर से भी गश्त बढा दी गई है तथा मंदिर के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है।

कारगार रही समाधि समिति की व्यवस्था

भादवा माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, लेकिन समाधि समिति की ओर से बेरीकेडिंग की संख्या बढाने से श्रद्धालुओं की कतारें करणी द्वार तक ही सीमित रही। गौरतलब है कि प्रतिवर्ष माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया पर श्रद्धालुओं की कतारें नोखा धर्मशाला तक पहुंच जाती है, लेकिन गत दो वर्षों से समाधि स्थल के दोनों तरफ आठ कतारें, मुख्य द्वार से करणी द्वार तक छह कतारें व करणी द्वार से आगे चार कतारें लगाए जाने से श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ा। यहां आए हजारों श्रद्धालुओं ने सुगमतापूर्वक जल्दी दर्शन किए, जिससे सुबह 10 बजे तक हजारों लोगों ने दर्शन किए तथा दोपहर बाद बेरीकेडिंग खाली नजर आए।