
पोकरण नगरपालिका क्षेत्र में लगी रोड लाइटोंं को बदलने वाले कार्मिकों के पास सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं होने के कारण हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। जानकारी के अनुसार कस्बे में नगरपालिका की ओर से गली-मोहल्लों में रोड लाइटें लगाई गई है। इन लाइटों के खराब या बंद होने पर उन्हें बदलने के लिए कार्मिक लगाए गए है। कस्बे के गली मोहल्लों में रोड लाइटों को विद्युत पोलों पर ही लगाया गया है। इन पोलों से 11 केवी की विद्युत लाइनें गुजरती है और हर समय 11 हजार वॉल्ट करंट प्रवाहित होता रहता है। रोड लाइटें बदलने वाले कार्मिकों के पास सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं है। ऐसे में इन तारों की चपेट में आने अथवा करंट से कोई हादसा हो जाने से भी इनकार नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान नहीं गया है।
रोड लाइटें बदलने वाले कार्मिकों के पास हेलमेट, सुरक्षा जैकेट, दस्ताने व जूते जैसे उपकरण होने चाहिए। इसके अलावा ऊंचे विद्युत पोलों पर चढऩे के लिए पर्याप्त उपकरण व व्यवस्थाएं होनी चाहिए, जबकि कार्मिकों के पास ऊपर चढऩे के लिए सीढ़ी और वायर कट करने के लिए प्लास के अलावा कोई उपकरण नहीं है। ऐसे में कार्मिकों को भी परेशानी हो रही है।
कस्बे में नगरपालिका की ओर से कार्मिकों को कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे है। इसके अलावा विद्युत पोल पर चढऩे व उतरने के साथ रोड लाइट बदलने को लेकर कोई विशेष प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। गौरतलब है कि पूर्व में रोड लाइट बदलने के कारण करंट लगने और पोल से कार्मिकों के गिरने की भी घटनाएं पूर्व में सामने आ चुकी है।
Published on:
06 Feb 2025 08:57 am
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