
जैसलमेर के चमत्कारिक शक्तिपीठ तनोटराय मंदिर परिसर से जयपुर तक के लिए करीब 725 किलोमीटर लम्बी ओरण बचाओ पदयात्रा बुधवार से शुरू की गई। तनोट से रवाना होते समय टीम ओरण के सदस्यों ने उत्साह का प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों से संबंधित पट्टिकाओं व तिरंगा झंडे लहराए।
पहले पड़ाव में पदयात्रा रणाऊ गांव पहुंच कर रात्रि विश्राम करेगी। टीम ओरण के सुमेरसिंह सांवता, भोपालसिंह झलोड़ा सहित अन्य ग्रामीणों ने इसमें भागीदारी की। भोपालङ्क्षसह ने बताया कि जैसलमेर जिले की सभी ओरणों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के साथ वर्तमान में जो प्रकरण सरकार के स्तर पर विचाराधीन हैं, उनके निस्तारण की प्रमुख मांगें हैं। उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले जैसलमेर में इस मुद्दे को लेकर बड़ा आंदोलन चलाया गया था। तब जनप्रतिनिधियों व प्रशासन ने हमें जो आश्वासन दिया था, वह पूरा नहीं हुआ। ऐसे में अब टीम ओरण ने तनोट से जयपुर तक पदयात्रा कर राज्य सरकार के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि पदयात्रा संभवत: आगामी 21 फरवरी को जयपुर पहुंचेगी और वहां मुख्यमंत्री से मिल कर अपनी मांगें रखेंगे। सरकार ने अगर सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो जयपुर में धरना दिया जाएगा।
पदयात्रा आगामी 25 जनवरी को जैसलमेर पहुंचेगी। यहां बड़ाबाग से जैसलमेर तक बड़ी रैली निकालने का लक्ष्य है। भोपालसिंह ने बताया कि जिले के पोकरण तक की यात्रा के दौरान मार्ग में आने वाले गांवों में ग्रामीणों की ओर से पदयात्रियों के लिए विश्राम व भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके आगे जोधपुर तक के मार्ग में भी मुद्दे का समर्थन करने वालों की ओर से व्यवस्था किए जाने पर चर्चा चल रही है। पदयात्री पोकरण, जोधपुर, अजमेर आदि में भी बड़ी रैलियां निकाल कर इस महत्वपूर्ण मुद्दे की तरफ आमजन का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास करेंगे।
Published on:
21 Jan 2026 08:59 pm
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