
थम नहीं रहा संक्रमण से पशुओं में चर्म रोग
जैसलमेर. मरुस्थलीय जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में गोवंश में अब भी संक्रमण से जुड़ा चर्मरोग अपनी जकड़ में ले रहा है। हालांकि इसका ज्यादा असर करीब तीन महीने पहले देखा गया था लेकिन जैसलमेर मुख्यालय के आसपास के कई गांवों सहित दूरदराज के क्षेत्रों में गोवंश में यह चर्मरोग नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार जिस तरह से पिछले दो साल के दौरान संक्रमण से फैलने वाले कोरोना ने हजारों लोगों को संक्रमित किया था, वैसे ही चर्म से जुड़ा यह रोग एक पशु से दूसरे पशु में फैल रहा है। इस वायरल बीमारी से कई पशुओं के बीमार होने की जानकारी सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार संक्रमित पशु के संपर्क में आने से स्वस्थ पशु भी बीमार हो जाता है और उसकी त्वचा पर छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं। ज्यादातर यह बीमारी गोवंश तथा भैंस में देखा गया है। जिले के विजयनगर गांव में पशुपालकों का कहना है कि उन्हें सरकारी दवाइयों का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्हें बाजार से पशुओं के लिए दवाइयां खरीदनी पड़ रही है।
वायरसजनित बीमारी
जानकारों के अनुसार यह वायरस क्रेपी पॉक्स परिवार का नया वायरस है। इस रोग में गोवंश की त्वचा पर गांठें बनती हैं और जोड़ों में सूजन आ जाती है। त्वचा पर बनी गांठ घाव का रूप ले लेती है। संक्रमित मवेशी बुखार से पीडि़त हो जाता है। पशुओं में दूध की कमी हो जाती है और भूख नहीं लगती है। आंख और नाक से पानी बहने लगता है और सांस लेने में कठिनाई होती है। ज्यादातर पशु प्राथमिक उपचार से ही स्वस्थ हो जाते हैं और कुछ पशुओं में रोग के लक्षण ज्यादा होने के कारण निमोनिया हो जाता है।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक असलम अली कलाल ने बताया कि यह रोग अब लगभग काबू में है। उनके अनुसार इसकी दवाइयां पशु चिकित्सा केंद्रों पर उपलब्ध है। अधिकांश पशुओं में यह रोग स्वत: ठीक हो जाता है। उनके अनुसार इससे दो प्रतिशत पशुओं की ही मौत होती है। वह भी जब पशु बहुत कमजोर तथा निराश्रित हो।
फोटो : जिले के गांवों में चर्मरोग से पीडि़त पशुधन।
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Published on:
12 Jun 2022 07:52 pm
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