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परमाणु धमाकों के बाद बढ़ रहा चर्म रोग!

परमाणु परीक्षण स्थली पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज के सबसे नजदीकी गांव खेतोलाई में गत कई दिनों से चर्म रोग, खुजली, एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जो ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

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परमाणु धमाकों के बाद बढ़ रहा चर्म रोग!

पोकरण. हाथ पर खुजली से हुए निशान।

पोकरण. परमाणु परीक्षण स्थली पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज के सबसे नजदीकी गांव खेतोलाई में गत कई दिनों से चर्म रोग, खुजली, एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जो ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि खेतोलाई गांव पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज के पास स्थित है और परमाणु परीक्षण स्थल की दूरी भी करीब 3 किमी की दूरी ही है। ऐसे में ग्रामीणों की चिंताएं और भी बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार मानव चमड़ी पर हाथों, कमर, पेट, गले के नीचे, जांघों व पैरों में पहले हल्की खुजली होने लगती है और कुछ ही दिनों में यहां निशान बनकर चमड़ी लाल हो जाती है। साथ ही खुजली धीरे-धीरे बढऩे लगती है और कुछ ही दिनों में खुजली तेज हो जाती है। इसके अलावा खुजली वाली जगह पर छोटी-छोटी फुंसियां एवं छोटी गांठे हो जाती है। इस तरह के कई रोगी वर्तमान में गांव में देखे जा सकते है, जो अपने उपचार के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहे है। कुछ रोगियों के दवाइयां लेने के बाद भी विशेष असर नजर नहीं आ रहा है। गांव में मांगीलाल, सुवटीदेवी, चंपा, तुलसी, चूना, नरसिंगाराम आदि ऐसे करीब एक से डेढ़ दर्जन मरीज है, जिनके चर्म रोग, खुजली के लक्षण देखे जा सकते है, जो दवाइयां भी ले रहे है। गांव में चर्म रोग की यह समस्या कुछ महिनों से देखी जा रही है।
1974 में भी फैला था चर्म रोग
गौरतलब है कि पूर्व में 18 मई 1974 में हुए प्रथम परमाणु परीक्षण के बाद लोहारकी, रामदेवरा, खेतोलाई व पोकरण के आसपास क्षेत्र में बड़ी संख्या में खुजली व चर्म रोग फैल गया था। यह रोग कई महिनों बाद दवाइयां लेने पर ठीक हुआ था। खेतोलाई गांव के पास पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में 1998 में परमाणु परीक्षण हुआ था। ऐसे में गत कुछ माह से यहां फैले चर्म रोग को ग्रामीण परमाणु परीक्षण से जोड़कर देख रहे है। जिससे उनकी चिंता बढऩे लगी है।
नहीं है उपचार की व्यवस्था
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थित है, लेकिन गत एक पखवाड़े से चिकित्सक नदारद है। जिसके कारण ग्रामीणों को गांव में समय पर दवाइयां व उपचार नहीं मिल पा रहा है और शनै-शनै चर्म रोग बढ़ता जा रहा है। कई ग्रामीण पोकरण, जैसलमेर अथवा जोधपुर जाकर उपचार करवा रहे है, लेकिन सभी के लिए अन्यंत्र जाकर उपचार करवाना मुश्किल हो रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है।

तेजी से फैल रहा है चर्म रोग
गांव में विशेष प्रकार का चर्म रोग तेजी से फैल रहा है। यहां करीब एक-डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों में चर्म रोग है। जिनके उपचार की गांव में कोई व्यवस्था नहीं है।
- मांगीलाल विश्रोई, शिक्षाविद्, खेतोलाई
जांच कर की जाएगी उपचार की व्यवस्था
खेतोलाई गांव में ग्रामीणों में खुजली व चर्म रोग होने की जानकारी आज ही मिली है। गर्मी के कारण भी एलर्जी हो सकती है। मंगलवार को जांच कर उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ.लोंग मोहम्मद, खंड मुख्य चिकित्साधिकारी, पोकरण