
मां के आश्रय में मिलता है आत्मिक संतोष
जैसलमेर. मां स्वांगीया को लेकर भक्तों का यह भरोसा है कि मां उनकी हर पीड़ा या समस्या दूर करेगी। शहर से छह किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र पर स्थित गजरूप सागर के स्वांगीय माता के मंदिर में देवी मां के चमत्कारों पर लोगोंं की अटूट आस्था है। भक्त यहां धोक देने पहुंचते हैं और मन मांगी कामना पूरी होने पर दर्शन करना नहीं भूलते। इन दिनों शारदीय नवरात्र के दौरान गजरूप सागर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की चहल-पहल देखने को मिल रही है। यह मान्यता है कि स्वांगिया माता के आश्रय में जैसलमेर शहर पूरी तरह से सुरक्षित हैं। यहां प्रतिदिन आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धा व आस्था का ऐसा वातावरण तैयार होता है कि लोग भक्ति के रस से सराबोर होने से खुद को नहीं रोक पाते। काले डूंगराय मंदिर के दर्शन करने के बाद गजरूप सागर माता के दर्शन करने भक्त अवश्य आते हैं। कई लोग आरती से पहले शहर से यहां विभिन्न साधनों यहां तक की पैदल भी पहुंचते हैं। शहर के शोर.शराबे से दूर देवी मां के आश्रय में आत्मिक संतोष मिलता है। भक्त यहां विशेष अवसरों पर लोग यहां सपरिवार दर्शनार्थ पहुंचते हैं, लेकिन नवरात्रि के दिनों में यहां का आध्यात्मिकता का अनूठा माहौल नजर आता है।
जैसलमेर. सरहदी जिले में सोमवार को समूचा माहौल आध्यत्मिकता से सराबोर नजर आया। यहां देवी मंदिरों में धार्मिक आयोजन हुए, वहीं श्रद्धालु भी भक्ति रस की सरिता में गोते लगाने से खुद को नहीं रोक पाए। जिले के विभिन्न शक्तिपीठों पर घट स्थापना के साथ ही शारदीय नवरात्र आरंभ हुआ। जैसलमेर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र शुरू होते ही घट स्थापना की गई। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की रेलमपेल शुरू हो गई, यह क्रम शाम तक बना रहा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न देवी मन्दिरों मेंं श्रद्धा का ज्वार उफान पर देखने को मिला।
Published on:
29 Sept 2022 06:19 pm

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