
अचानक बन्दूक व गोला-बारूद की गूँज से थर्रा उठे सरहदी क्षेत्र के धोरे,आखिर ऐसा क्यों? जानिए पूरी खबर
जैसलमेर. भारत में निर्मित उच्च क्षमता वाली एटीएजीएस गन का परीक्षण इन दिनों सीमावर्ती जैसलमेर जिले की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में जोर-षोर के साथ चल रहा है। 155 मिमी एटीएजीएस गन और उन्नत टॉव आर्टिलरी गन सिस्टम का परीक्ष् ाण फायरिंग रेंज में पांच दिनों तक चलेगा।इस मौके पर एएफएसएस और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के उच्चाधिकारी भी नजर रखे हुए हैं। जानकारी के अनुसार 6 0 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष् य भेदने के लिए फायरिंग रेंज में स्वदेश निर्मित 155 एमएम/52 कैलिबर वाली इस गन का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह जानकारी भी मिली है कि विभिन्न मानकों पर फायरिंग क्षमता की जांच की जा रही है और यह गन उम्मीदों के अनुसार प्रदर्शन कर रही हैं। इसके साथ गोला बारूद की भी जांच की जा रही है।
सेना की क्षमता में होगी बढ़ोतरी
रक्षा सूत्रों के अनुसार एटीएजीएस गन का सफल परीक्ष् ाण होने से सेना की गोलीबारी क्ष् ामता को मजबूती मिलेगी।डीआरडीओ और सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी जैसलमेर पहुंच गए हैं। इस गन में सबसे लंबी दूरी तक वार करने की क्ष् ामता है। जानकारी के मुताबिक डीआरडीओ 155 मिमी/52 कैलिबर एडवांस्ड टॉवड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) विकसित कर रहा है। जो भविष्य में 155 मिमी/45 कैलिबर वाली धनुष की क्षमता में इजाफा करेगा।
गौरतलब है कि एटीएजीएस, भारत की पहली स्वदेशी 155 मिमी/ 52-कैलिबर टॉवड गन दो निजी क्ष् ोत्र के निगमों की एक संयुक्त परियोजना है। भारतीय सेना के आर्टिलरी को जल्द ही चीन और पाकिस्तान से होने वाली नई चुनौतियों से निपटने के लिए 6 0 किलोमीटर से अधिक की क्षमता तक मार करने वाली स्वदेशी गन मिल जाएगी। गौरतलब है कि गत 18 अगस्त को आखिरी परीक्षणों में इस गन ने 47.2 किलोमीटर की दूरी तय की थी जो दुनिया की सबसे लंबी दूरी थी।
फैक्ट फाइल -
-6 0 किलोमीटर तक मार कर सकती है एटीएजीएस गन
-155/52 मिमी कैलिबर वाली है गन
-18 अगस्त को हुआ था आखिरी परीक्षण
Published on:
30 Oct 2018, 12:42 PM IST
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