
मोहनगढ़ कस्बे के बामणिया पाड़ा में ग्राम मंधा से अपने ननिहाल आए आठ वर्षीय मासूम सूरज के लापता होने के ग्यारहवें दिन बाड़मेर पेयजल योजना की पम्प हाउस पहले एक खेत के किनारे वन पट्टी में हड्डियां मिली। उसके टी-शर्ट एवं नेकर से पहचान की गई। पुलिस व ग्रामीणों के सहयोग से पिछले गत 11 दिन से सूरज की तलाश की जा रही थी। सोमवार सुबह पुलिस की टीम के सर्च अभियान के दौरान ग्यारह बजे के करीब वन पट्टी में हड्डियां मिली। पास में टी-शर्ट व नेकर भी मिले। सूचना मिलने पर मोहनगढ पुलिस थानाधिकारी नाथू सिंह मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे, वहीं सूरज के परिजनों को भी बुलाया गया। पोकरण वृत्ताधिकारी प्रवीण कुमार भी मौके पर पहुंचे। जैसलमेर से एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। घटना स्थल का मौका मुआयना कर सैम्पल लिए गए। उसके बाद हड्डियों को इक_ा करके अस्पताल लाया गया, जहां पर पोस्ट मार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द की गई
मासूम सूरज न तो बोल सकता था और न ही सुन सकता था। 23 मई को खेलते खेलते घर स दूर निकल गया। अंदेशा है कि भीषण गर्मी एवं प्यास की वजह से संभवतया उसकी मौत हो गई होगी। नहरी क्षेत्र में जंगली जानवरों सूअर, भेडिया, श्वानों आदि बड़ी संख्या में है, जिनमें से किसी का मासूम सूरज शिकार बन गया होगा। थानाधिकारी नाथूसिंह के अनुसार क्षेत्र में जंगली सूअर अधिक है। बिना लाठी के इस क्षेत्र में जाना जान को खतरे में डालना है। संभवतया सूअरों ने ही मासूम के शरीर को क्षत-विक्षत किया है।
Published on:
02 Jun 2025 08:41 pm

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