करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद भी बच्ची के परिजनों का पता नहीं लगा। पुलिस, ग्रामीण, मीडियाकर्मी व मेडिकल दुकानदार लगातार परिजनों की तलाश में घूम रहे थे। इसी दौरान एक महिला यहां दौड़ती हुई आई तथा बच्ची को देखा, तो उसकी मुस्कान खिल उठी। बच्ची भी अपनी मां को देखकर मुस्कुराने लगी और भागती हुई मां से लिपट गई।मां व बच्ची दोनोंं की आंखों से आंसू टपक रहे थे तथा मिलने की खुशी साफ नजर आ रही थी।यहां उपस्थित थानाप्रभारी रेंवतसिंह ने महिला से पूछताछ की, तो उसने अपना नाम पंजाब के अबोहर थानांतर्गत बहादरखेड़ा निवासी संदीप पत्नी तरसेन मजबी सिक्ख बताया। उसने बताया कि उसका परिवार गत वर्ष नाचना में काश्त करने आया था, तब से वे नाचना में निवास करते है तथा यहां मणिहारी का सामान बेचते है।उसने बताया कि उसका पड़ौसी बालक कन्हैया उसकी बच्ची को अस्पताल में उपचार के लिए लेकर आया था तथा पुन: चला गया।जब उसे पता चला कि बच्ची गायब है, तो वह उसे ढूंढने पुन: अस्पताल आई और मेडिकल दुकान पर बच्ची मिल गई।सूचना मिलने पर बच्ची का पिता तरसेन भी पुलिस थाने पहुंचा। उसने बच्ची का नाम सिमरन बताया।थानाप्रभारी रेंवतसिंह ने बच्ची के माता-पिता को बताया कि उसने गुमशुदा बच्ची मिलने की सूचना बाल कल्याण अधिकारी जैसलमेर को दे दी है। जिसके चलते उन्हें जैसलमेर जाकर बाल कल्याण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा। जहां पूछताछ व पूरी जांच पड़ताल के बाद ही बच्ची को परिवारजनों को सुपुर्द किया जाएगा।