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ऐसा क्या है जो हरिण हो रहे काल का ग्रास, पढ़ें खबर…

नोख गांव में स्थापित हो रहे सोलर पार्क के प्रोजेक्ट के लिए सोलर कंपनियों की ओर से की गई तारबंदी हरिणों के लिए कब्रगाह बन रही है। आए दिन हरिण तारबंदी में फंसकर काल का ग्रास हो रहे है। जबकि जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है।

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ऐसा क्या है जो हरिण हो रहे काल का ग्रास, पढ़ें खबर...

नोख. तारबंदी के पास मृत हरिण।

पोकरण. जोधपुर, जैसलमेर व बीकानेर तीन जिलों की त्रिवेणी पर स्थित नोख गांव में स्थापित हो रहे सोलर पार्क के प्रोजेक्ट के लिए सोलर कंपनियों की ओर से की गई तारबंदी हरिणों के लिए कब्रगाह बन रही है। आए दिन हरिण तारबंदी में फंसकर काल का ग्रास हो रहे है। जबकि जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है।
गौरतलब है कि गांव में सोलर पार्क स्थापित किया जा रहा है। यह क्षेत्र वन्यजीव व पशुधन बाहुल्य है। यहां बड़ी संख्या में वन्यजीव व पक्षियां विचरण कर रहे है। यहां सोलर प्लांट लगाने के लिए लोहे की तारबंदी की गई है, जो इन वन्यजीवों के लिए आफत बनती जा रही है। भोजन के लिए विचरण करने वाले इन जीवों पर आए दिन शिकारी पशु पक्षी हमला करते है और हरिण सहित अन्य वन्यजीवों की इस तारबंदी में फंसकर मौत हो रही है। सोमवार को भी नोख-बोड़ाना पुराने मार्ग पर सोलर प्लांट की तारबंदी में एक हरिण मृत हालत में मिला। यहां से गुजर रहे किसान प्रेमकुमार ने बताया कि मृत मिली मादा हरिण गर्भवती थी, जो प्लांट परिसर के अंदर से बाहर निकलने का प्रयास करते हुए तारबंदी के कारण श्वानों का शिकार हो गई।