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जैसलमेर. कलक्ट्रेट परिसर स्थित डीआरडीए सभागार में सोमवार को जिला परिषद की बैठक हुई। इस दौरान करीब 4 घंटे चले सदन में 50 मिनट तक जन प्रतिनिधियों ने डिस्कॉम को ही घेरे रखा। गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष समाप्ति के दौरान लक्ष्य हासिल करने तथा लम्बे समय से करोड़ों बकाया वसूली के लिए डिस्कॉम ने लगातार कनेक्शन काटे। इस दौरान तथा डीआरडीए हॉल में बकाया बिल के चलते जिला परिषद का भी कनेक्शन काट दिया। इसे लेकर जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, उपजिला प्रमुख उम्मेदसिंह नरावत, विधायक छोटूसिंह भाटी व प्रधान अमरदीन फकीर ने नाराजगी जाहिर की। उपजिला प्रमुख ने तो डिस्कॉम के खिलाफ निन्दा प्रस्ताव पारित करने की भी बात कही, लेकिन जिला कलक्टर ने कहा कि यह एक काम का हिस्सा है। कोई विभाग किसी मामले में कार्रवाई करता है तो उसके खिलाफ निन्दा प्रस्ताव नहीं ला सकते। कल डीटीओ वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे तो उनके खिलाफ निन्दा प्रस्ताव लाएंगे क्या? बैठक में विभिन्न गांवों में पेयजल आपूर्ति, बिजली कनेक्शन सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
आश्वासन नहीं माफी मांगो
जिला प्रमुख ने कहा कि अपने जलदाय विभाग के भी कनेक्शन काट दिए इससे लोगों के लिए पेयजल संकट खड़ा हो गया। इस पर डिस्कॉम के अधिकारी ने कहा कि हम आपको आश्वासन दिलाते हैं कि आगे से हम ध्यान रखेंगे। इस पर प्रमुख ने कहा कि आपको आश्वासन नहीं माफी मांगनी चाहिए।
बकाया तो भर देंगे, जीएसएस क्यों नहीं चल रहा
बैठक में विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि बकाया बिल तो लोग भर देंगे, लेकिन आप अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते। आपके खुइयाला जीएसएस लम्बे समय से बंद है, यह शुरू क्यों नहीं हो रहा। इस पर डिस्कॉम के प्रतिनिधि ने कहा कि यह जीएसएस 15 दिन में शुरू हो जाएगा।
एक ही गांव के लिए दो लाइनें
प्रधान अमरदीन फकीर ने कहा कि घंटियाली गांव में पहले बिजली ही नहीं थी। अब यहां दो लाइनें जा रही है। एक मोहम्मद ने तो दूसरी शैतानसिंह ने स्वीकृत करवाई है। इस पर डिस्कॉम प्रतिनिधि ने कहा कि हमारे रिंग मेड सिस्टम में डबल लाइन रखना जरूरी होता है, जो आप बता रहे हैं ऐसी कोई बात नहीं है।
बिजली क्यों गिरी?
प्रधान अमरदीन ने सवाल किया कि शुक्रवार को शहर में स्थित एक ट्रांसफार्मर पर बिजली क्यों गिरी? इस पर अधिकारी ने कहा कि तडि़त चालक तो 132 केवी जीएसएस पर ही लगा होता है। गलियों के ट्रांसफार्मर नहीं। ऐसे में आकाशीय बिजली तो कहीं भी गिर सकती है।
चुप ही रहीं महिला जनप्रतिनिधि
बैठक के दौरान महिला जनप्रतिनिधियां चुप ही रहीं। जिला प्रमुख ने उनसे समस्याओं के बारे में पूछा, लेकिन किसी ने कोई बात नहीं रखी। जिला परिषद सदस्य प्रेम डूंगरसिंह, कुन्दनलाल प्रजापत, दीपाराम, रवीन्द्र कुमार, पीराणे खां, जसवंतसिंह ने समस्याएं रखी। शोभा कंवर, रहमन खातून, पीराणे खां, राणी चांण्डक, ममता, ओमप्रकाश उपस्थित रहे।
ये थे उपस्थित
सांकड़ा प्रधान अमतुल्ला मेहर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग भार्गव, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामेश्वरलाल मीणा, उपखण्ड अधिकारी हंसमुख कुमार, जिला उप अधीक्षक मांगीलाल राठौड़ के साथ ही जिला परिषद सदस्य उपस्थित रहे।
Updated on:
10 Apr 2018 11:12 am
Published on:
10 Apr 2018 11:11 am
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