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जैसलमेर. जैसलमेर की गफूर भ_ा कच्ची बस्ती में बीती देर रात एक झोंपे में आग लगने से वहां सो रही दो महिलाएं और एक बच्ची झुलस गई। तीनों घायलों को पड़ोसियों ने जवाहर चिकित्सालय पहुंचाया।घटना बुधवार रात्रि करीब 11 बजे की है। गफूर भ_ा में एक परिवार के तीन सदस्य चारपाई के पास मोमबत्ती जलाकर सो रहे थे।मोमबत्ती के गिरने से आग लग गईऔर पूरे झोंपे में धुआं फैल गया। दरवाजा बंद होने से कमरे में घुटन भी हो गई। हादसे में बालिका किरण व उसकी माता कविता तथा दादी धापू देवी बुरी तरह से झुलस गई। सभी के शरीर का ऊपरी हिस्सा झुलस गया।
पड़ोसियों ने बचाया
प्रत्यक्षदर्शियोंं के अनुसार रात को झोंपडेे के अन्दर से चिल्लाने की आवाज आने पर पड़ोसी वहां पहुंचे।चूंकि झोंपे में केवल बालिका व दो महिलाएं थीं, वे दरवाजा खोल नहीं पाई। पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए पीछे की खिडकी को तोड कर सभी को बाहर निकाला। जब तक तीनों काफी झुलस चुके थे। मौके पर फायर ब्रिगेड ने पहुंच कर आग पर काबू पाया। महिला कविता का पति कामकाज के सिलसिले में जैसलमेर से बाहर ही रह रहा है। पडोसियों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को जवाहर अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां से गुरुवार सवेरे उनकी गंभीर हालत देखते हुए उन्हें यहां से रैफर कर दिया।
अस्पताल में बर्न यूनिट ताले में बंद
इस घटना से एक बार फिर जिला मुख्यालय स्थित जिले के एकमात्र सरकारी अस्पताल जवाहर चिकित्सालय में बर्न यूनिट के ताले में कैद होने से लोगों को आने वाली परेशानी को उजागर कर दिया। गौरतलब है कि जवाहर चिकित्सालय परिसर में वर्षों पहले करोड़ों रुपए की लागत से बर्न यूनिट निर्मित की गई थी, लेकिन, इसे अब तक शुरू नहीं किया गया है। बर्न यूनिट के संचालित नहीं होने की वजह से जिले के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में जोधपुर , बीकानेर आदि शहरों का रुख करना पड़ रहा है। जो कईबार मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ साबित होता है और उनके परिवारजनों के लिए भारी आर्थिक परेशानी का सबब बन जाता है।
Published on:
12 Jan 2018 10:45 am
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