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चोरों के निशाने पर आस्था स्थल, अब देगराय मंदिर में हुई चोरी

- कुछ दिन पहले तेमड़ेराय मंदिर में भी चोरों ने वारदात को दिया था अंजाम

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चोरों के निशाने पर आस्था स्थल, अब देगराय मंदिर में हुई चोरी

चोरों के निशाने पर आस्था स्थल, अब देगराय मंदिर में हुई चोरी

जैसलमेर जिले के प्रसिद्ध मंदिरों में चोरी का वारदातों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गत दिनों तेमड़ेराय शक्तिपीठ पर अज्ञात चोरों की ओर से की गई चोरी की कड़ी में बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात में एक और प्रसिद्ध शक्तिपीठ देगराय में अज्ञात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है। जनआस्था के इन स्थलों पर चोरी की घटनाओं से आमजन में रोष व्याप्त हो रहा है। जानकारी के अनुसार देगराय देवी मंदिर में दो चोरों ने चांदी के 6 छत्तर और चांदी के बर्तन चुरा लिए। उन्होंने अपने चेहरों पर कपड़ा बांध रखा था। उनकी हरकत सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। चोरी की वारदात को पता गुरुवार सुबह चला जब मंदिर के पुजारी वहां पहुंचे। इसके बाद सांगड़ पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस के साथ ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि इस मंदिर में चोरी की पहले भी वारदातें हो चुकी हैं। सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि देगराय मंदिर में 2 चोर रात करीब 2 बजे पीछे वाले हिस्से से प्रविष्ट हुए। उन्होंने करीब 20 मिनट तक मंदिर में रहकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया और वहां से फरार हो गए। सांगड़ पुलिस ने फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश का काम शुरू कर दिया है।

सुरक्षित नहीं मंदिर

वैसे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला मुख्यालय तक के मंदिरों में आए दिन चोरी की वारदातें सामने आती रही हैं और पुलिस के तमाम दावों के बावजूद हकीकत यह है कि बहुत कम मामलों में ही पुलिस चोरों तक पहुंच सकी है। अधिकांश चोरी की वारदातें एक गुत्थी बन कर रह जाती है। पुलिस की सलाह पर अधिकांश बड़े मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा चुके हैं। उनमें चोरी की वारदात कैद होती है लेकिन फिर भी पुलिस के हाथ उन तक नहीं पहुंच पाते। मंदिरों में सोने-चांदी के आभूषण, छत्तर आदि के साथ दान पेटिकाओं में रखी नगदी चोरों के निशाने पर रहती है। अलग-अलग समय में चूंधी के प्रसिद्ध गणेश मंदिर, कालेडूंगरराय शक्तिपीठ, तेमड़ेराय देवी के मंदिर, हिंगलाज मंदिर सहित अनेक मंदिरों में चोरी की वारदातें अब तक घटित हो चुकी हैं।