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बारह सौ करोड़ के सालाना टर्नओवर को छुआ जैसलमेर पर्यटन ने
-विदेशियों के मुकाबले तीन गुना अधिक आए देशी पर्यटक
जैसलमेर . बीता वर्ष 2017 जैसलमेर पर्यटन के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। एक मोटे अनुमान के अनुसार जैसलमेर पर्यटन ने इस एक साल में 1200 करोड़ रुपए का टर्नओवर करने में सफलता हासिल की। यह अब तक का सर्वाधिक है। बीते इस साल में पहली बार स्वर्णनगरी में पर्यटकों की आवक आधिकारिक रूप से छह लाख से पार चली गई। इसमें विदेशी सैलानियों की तुलना में तीन गुना से अधिक संख्या देशी पर्यटकों की रही। पर्यटन विभाग के आंकड़े के अनुसार वर्ष 2017 में जैसलमेर में कुल 6 लाख 16 हजार 606 पर्यटक घूमने आए। इनमें 4 लाख 93 हजार 755 देशी और 1 लाख 22 हजार 851 विदेशी शामिल हैं। वर्ष 2017 में उससे पहले के साल के मुकाबले करीब पौने दो लाख सैलानियों की ज्यादा आवक दर्ज की गई। मतलब साफ है कि, छुट्टियां मनाने और नई जगह घूमने, दोनों तरह के पर्यटकों के लिए देश की पश्चिमी सीमा के अंतिम छोर पर अवस्थित सदियों पुराना जैसलमेर शहर खास पसंद बन कर उभरा है।
अपूर्व साबित हुआ 2017
स्वर्णनगरी के पर्यटन इतिहास में साल 2017 अपूर्व तेजी वाला कालखंड साबित हुआ है। इस दौरान बारहों महीनों देशी और विदेशी पर्यटकों का तांता लगा रहा। जनवरी में देशी सैलानी 45690 तो विदेशी 11609 जैसलमेर पहुंचे। फरवरी में उनकी संख्या क्रमश:35567 और 10302, मार्च में 31200 व 9133, अप्रेल में 30316 एवं 8412, मई में 28807 और 5074, जून में 25720 व 5606, जुलाई में 32239 व 8259, अगस्त में 35740 तथा 9230, सितम्बर में 41205 तथा 10344, अक्टूबर में 55530 और 12105, नवम्बर में 61236 तथा 13877 एवं दिसम्बर में 70505 और 18900 रही। इस तरह से देशी सैलानियों की सबसे ज्यादा आवक साल के अंतिम महीने दिसम्बर में और सबसे कम जून में हुई वहीं विदेशी पर्यटक सबसे अधिक दिसम्बर में तो सबसे कम मई माह में आए।
ऐसे समझें कमाई का गणित
पर्यटन विभाग के आधिकाधिक आंकड़े के अनुसार जैसलमेर में बीते वर्ष के दौरान 6.16 लाख से सैलानी आए।अगर एक सैलानी जैसलमेर भ्रमण के दौरान न्यूनतम 2000 रुपए भी ठहरने, खाने-पीने और घूमने आदि पर खर्च करता है तो यह आंकड़ा 1200 करोड़ रुपए पार हो जाता है। जैसलमेर आने वाला पर्यटक होटल अथवा रिसोट्र्स में ठहरता है। उसे यहां भ्रमण के लिए वाहन भी चाहिए होता है तो दो समय का खाना व अन्य खाद्यव पेय पदार्थ, गाइड की सेवाएं लेनी होती है।कई जगहों पर प्रवेश के लिए शुल्क भी चुकाना पड़ता है।
इसलिए बढ़ रहा पर्यटन
-विश्व विख्यात सोनार दुर्ग और सम के रेतीले धोरों को देखने की सैलानियों में बढ़ रही चाहत।
-जैसलमेर को पर्यटन प्रेमी ‘यूनीक डेस्टिनेशन’ मानते हैं, इसलिए भी यहां के प्रति सैलानियों का झुकाव बढ़ रहा।
-कई फिल्मों की शूटिंग जैसलमेर में होने से देशी पर्यटकों के रुझान में वर्ष-दर-वर्ष तेजी आ रही है।
-जैसलमेर के लिए जयपुर और दिल्ली से नियमित विमान सेवा की सुविधा मिलने से पर्यटन क्षेत्र में तेजी आई है।
-लम्बी दूरी की रेलगाडिय़ों के चलने से जैसलमेर विगत वर्षों के दौरान जयपुर, दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, उत्तराखंड और अनेक शहरों से सीधे जुड़ चुका है। इससे पर्यटन को खासा फायदा हुआ।
फैक्ट फाइल -
यूं बढ़ रही पर्यटकों की आवक -
वर्ष 2013
देशी -122883, विदेशी -73607
वर्ष2014
देशी -250706, विदेशी -92276
वर्ष 2015
देशी -235713, विदेशी -84533
वर्ष 2016
देशी -359497, विदेशी -90667
वर्ष2017
देशी -493755, विदेशी -122851
और बढ़ोतरी संभव
जैसलमेर में पर्यटन निरंतर प्रगति कर रहा है, यह खुशी की बात है। पर्यटकों के लिए सुरक्षित व साफ-सुथरा वातावरण बनाकर इसे और बढ़ाया जा सकता है।प्रशासन तथा पर्यटन व्यवसायियों के साथ आम जैसलमेरवासी का ध्यान इस ओर होना चाहिए।
-चन्द्रशेखर श्रीपत, होटल व्यवसायी
पर्यटकों के लिए बहुत कुछ
जैसलमेर घूमने आने वाले सैलानियों के लिए यहां इतना कुछ है कि, वे बार-बार यहां आने की चाहत रखते हैं। पर्यटकों को हम जितनी अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे, हमारा पर्यटन उतना ही विकसित होता जाएगा।
-पृथ्वीपालसिंह रावलोत, ट्रेवल एजेंट
Published on:
15 Jan 2018 08:27 pm
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