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जैसलमेर . जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बैनाम बीमारी से गोवंश की मौत का सिलसिला नहीं थमने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। जिले के भादरिया लाठी गांव में फैली इस बीमारी ने अब तक दर्जनों दुधारु पशुओं को मौत की नींद सुला दिया है। ग्रामीणों की माने तो दो दिन बुखार आने के बाद पशु की मौत हो रही है।
बढ़ी पशुपालकों की चिंता
जैसलमेर के ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही दुधारु पशुओं की मौत से पशुओं की चिंता को बढ़ा दिया है। वहीं उन्हें आर्थिक संबल दे रहे है।
चिकित्सा विभाग नहीं ले रहा सुध
ग्रामीणों की माने तो डेलासर गांव में पशुओं की हो रही मौत की सूचना चिकित्सा विभाग को दी गई है, लेकिन अब तक विभागीय जिम्मेदारों ने गांव की ओर रुख नहीं किया है। पशुपालकों को बीमारी पकड़ में नहीं आने से वे पशुओं का उपचार करवाएं इससे पहले ही पशु मौत की की नींद सो जाता है। अब तक गांव में एक सप्ताह में ही एक दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है, लेकिन उपचार के लिए अब तक कोई खास इंतजाम नहीं किए गए है।
अज्ञात बीमारी से हो रही गायों की मौत
लाठी क्षेत्र के डेलासर गांव में इन दिनों पशुओं की अज्ञात बीमारी से हो रही मौतों के कारण पशुपालक चिंतित नजर आ रहे है। आईदानसिंह, मदनसिंह, खेमसिंह, पृथ्वीसिंह, जीवराजसिंह, मोतीसिंह, गिरधरसिंह सहित पशुपालकों ने बताया कि गांव में अब तक अज्ञात बीमारी से दो दर्जन गाय व भैंसों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बीमारी में पहले पशुओं को बुखार आता है तथा मुंह से लार गिरने लगती है। इसके बाद पशु खाना पीना छोड़ देते है तथा एक-दो दिन में उनकी मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पशुपालन विभाग को भी अवगत करवाया गया, लेकिन उनकी ओर से पशुओं के उपचार को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
Updated on:
07 May 2018 01:22 pm
Published on:
07 May 2018 03:15 pm
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