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Weather Update: तवे-से तपते रेगिस्तान पर राहत की बारिश, ओले भी गिरे

लगातार 45-46 डिग्री और उससे ऊपर तापमान के चलते तप रहे जैसलमेर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम में गुरुवार को एकाएक हुए मौसमी बदलाव के चलते राहत की बारिश हुई।

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लगातार 45-46 डिग्री और उससे ऊपर तापमान के चलते तप रहे जैसलमेर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम में गुरुवार को एकाएक हुए मौसमी बदलाव के चलते राहत की बारिश हुई। इससे एकबारगी तो धरती की सतह ने मानो गर्म सांसें छोड़ी, लेकिन बाद में वह शीतल हो गई। आसमान में बिजली की तेज गडगड़़ाहट के बीच रुक-रुक कर शाम के समय हुई पहले धीमी और बाद में तेज बरसात से पूरा वातावरण एकदम से बदल गया। इस दौरान कुछ देर के लिए आसमान से बेर के आकार के ओले भी जमीन पर गिरे। शहर के मौसम में बदलाव का मंजर शाम 4 बजे के आसपास शुरू हुआ, जो देर शाम तक जारी रहा। शीतल हवा के झोंकों के साथ बरसात की संगत ने पूरी रंगत बदल दी। जिला मुख्यालय के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी राहत की बूंदें खूब बरसी। शाम 5.50 बजे के आसपास तो मानसूनी बरसात के जैसे तेज गति से आसमान से जलराशि गिरी। थोड़ी देर में घरों आदि भवनों की छतों की नालियों से सडक़ों पर पानी गिरने लगा। सडक़ें व गलियां पूरी तरह से तरबतर हो गईं। हर किसी ने बाहें फैला कर इस बेमौसमी बारिश का स्वागत किया। उन्होंने बरसाती पानी में नहाने का लुत्फ उठाया। बच्चों में खास उत्साह देखा गया। इस दौरान दिन भर बिजली की आवाजाही का सिलसिला जारी रहा। बरसात और उसके बाद तो विद्युत लम्बी अवधि तक गुल रही। जिसके कारण लोगों की परेशानियों में इजाफा हो गया।

पारे ने फिर बनाया रिकॉर्ड

इससे पहले गुरुवार को भी दिन की शुरुआत भीषण गर्मी से हुई। दोपहर के बाद एक समय जब आसमान में बादल छाए हुए थे तब भी तपिश देह को झुलसाने वाली महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 46.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो अब तक का अधिकतम है। न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री दर्ज हुआ। इस तरह से गुरुवार को जैसलमेर सबसे गर्म शहर रहा। दूसरे स्थान पर बाड़मेर रहा। जैसलमेर में लगातार चौथे दिन पारा 46 डिग्री के पार गया है। अब तो यह 47 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। तेज धूप के साथ लू के प्रहारों से बचने के लिए लोगों ने घरों या छायादार स्थानों पर रहने में ही भलाई समझी। शहरवासी व बाहर से आए लोग पसीने से तरबतर होते रहे। प्रचंड गर्मी के चलते लोग सहमे हुए हैं। उन्हें अब शुरू हुए मई महीने में गर्मी के स्तर को लेकर अभी से ङ्क्षचता सताने लगी है।