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योग, रेत व पर्यटन : मुख्यमंत्री करेंगे अनुलोम-विलोम तो खुहड़ी में संवरेगा पर्यटन का भविष्य

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर खुहड़ी के धोरों पर योगाभ्यास करेंगे।

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जैसलमेर के सम सेंड ड्यून्स के बाद अब खुहड़ी के मखमली धोरों के दिन फिरने वाले हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर खुहड़ी के धोरों पर योगाभ्यास करेंगे। जानकारों के अनुसार यह योग कार्यक्रम खुहड़ी की ब्रांडिंग और पर्यटन विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार की मंशा है कि सम की तरह खुहड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सैलानियों के लिए पसंदीदा गंतव्य बने। ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की प्रस्तावित यात्रा से अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी। गौरतलब है कि खुहड़ी, जैसलमेर मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है और यहां के धोरों की लहरदार बनावट सम से कम नहीं, लेकिन अब तक यह इलाका पर्यटन मानचित्र पर पीछे रहा।

नए आकर्षण की खोज

खुहड़ी में पिछले कुछ वर्षों में मरु महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या, ऊंट सफारी, कैम्पिंग और ग्राम्य संस्कृति के अनुभव को शामिल कर पर्यटन की संभावनाएं तलाशी गई हैं। इस दिशा में जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय मरु उद्यान क्षेत्र से खुहड़ी के धोरों को बाहर निकालने के प्रयास किए, ताकि वहां पाबंदियों से मुक्ति मिल सके।

… तो मिलेगा पर्यटन में नया विकल्प

पर्यटन व्यवसायी हरिसिंह मानते हैं कि सम में पर्यटन सीजन के दौरान भीड़ बेकाबू हो जाती है। यदि खुहड़ी को एक व्यवस्थित विकल्प के रूप में विकसित किया गया तो सैलानियों का दबाव संतुलित होगा और उन्हें नया अनुभव भी मिलेगा। खुहड़ी तक पहुंच भी सम जितनी ही आसान है।

गांव में जागेगा रोजगार

सामाजिक कार्यकर्ता शरद व्यास का मानना है कि खुहड़ी में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। हस्तशिल्प, लोककला, होम स्टे, सफारी और कैम्पिंग के जरिए गांव की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।