
Aasha workers
जालौन. यूपी में जब से बीजेपी सरकार बनी है तब से अब तक सरकार को कोई न कोई विरोध झेलना पड़ रहा है। पहले शिक्षामित्रों ने आंदोलन शुरु किया तो फिर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा प्रदर्शन किया गया और शनिवार को आशा बहुएं अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आईं, जिन्होने सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकालते हुए जमकर नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट में धारना देते हुए मुख्यमंत्री को सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से ज्ञापन भेजा।
बता दें कि पिछले कई दिनों से अपनी वेतन की मांग को लेकर आशा बहुएं धरना दे रही थी, लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया। इसी को लेकर शनिवार को जालौन के जिला मुख्यालय उरई में आशा बहुओं ने अपनी मांगों को लेकर शहर के मुख्य मार्गों से एक विशाल जुलूस निकाला। जुलूस में जिले की सैकड़ों आशा बहुएं मौजूद रहीं। नगर के प्रमुख मार्गों से जुलूस निकालते हुए आशा बहुएं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची जहां उन्होंने जमकर हंगामा काटा। आशा कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी चेंबर के सामने जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
आशा कार्यकत्री संघ की जिला मंत्री प्रवीना ने बताया कि काफी दिनों से वह अपनी मांगों को लेकर वह संघर्ष कर रहीं है। लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। 600 रुपए प्रत्येक डिलीवरी के हिसाब से उन्हें चार्ज दिया जाता है, यदि प्रसव घर पे हो जाता है तो वह भी उन्हें नहीं मिलता। उनसे काम ज्यादा लिया जाता है और पैसा नहीं दिया जाता। उनकी मांग है कि उन्हें 18000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। मांगें पूरी न होने की स्थिति में वह काम बंद कर कार्य बहिष्कार करेंगी। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट एनपी पाण्डेय का कहना है कि आशा बहुएं उन्हें ज्ञापन देने आई थीं जिसे सीएम कार्यालय पहुंचा दिया गया है। इसके अलावा लोकल स्तर पर जो भी समस्या होगी उसे डीएम साहब के समक्ष बैठ कर हल करने का प्रयास करेंगे।
Published on:
16 Sept 2017 07:46 pm
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