27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को इंटरनेशनल बताने के दावे की हवा निकली, जरा सी बारिश में खुल गई पोल

Bundelkhand Express-way: बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन को अभी सप्ताह भी नहीं बीता कि कुछ देर की बारिश में ही धंस गया।
1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जालौन

•

image

Snigdha Singh

•

Updated: 21 Jul 2022, 4:18 PM IST

 Bundelkhand Expressway Road collapsed after rain

Bundelkhand Expressway Road collapsed after rain

उत्तर प्रदेश के छठवें बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का 16 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य कार्यक्रम में उद्घाटन किया। 14,850 करोड़ रुपये की लागत से बना एक्सप्रेस-वे उद्घाटन के पांच दिन बाद धंस गया। शुभारंभ के पहले हफ्ते में ही एक्सप्रेसवे की सड़क धंस गई है। सड़क पर करीब दो फीट गहरा गड्ढा हो गया। धंसी सड़क में एक कार फंसकर क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क की मरम्मत के लिए जेसीबी मशीन पहुंची है। इस घटना से हड़कंप मचने के बाद अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अब सोशल मीडिया पर लोग तरह तरह की टिप्पणी कर रहे हैं।

एक्सप्रेस-वे के उद्धघाटन के 5 दिन बाद जालौन तहसील क्षेत्र के छिरिया सलेमपुर के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की सड़क धंस गई। पिछले 5 दिनों में इस एक्सप्रेस-वे पर 4 मौतें भी हो चुकी है। बुधवार रात एक कार और बाइक भी दुर्घटनाग्रस्त हुई है। इसका एक वीडियो बनाकर लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो के वायरल होने के बाद यूपीडा के अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

यह भी पढ़े - आईआईटी कानपुर ने तैयार की 'गौरैया', दुश्मनों की सीमाओं पर घुस कर करेगी जासूसी

शुरू हुई मरम्मत
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे मात्र 28 महीने में बनकर तैयार हुआ है। यूपी सरकार के मुताबिक समय से पहले काम पूरा होने पर सरकार के करीब 1132 करोड़ भी बचाए हैं। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी खुद इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे। लेकिन बीती रात बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की सड़क धंस जाने के बाद अधिकारी परेशान दिखाई दिए। डीएम चांदनी सिंह ने बताया कि यूपीडा के अधिकारी को इसकी जानकारी दे दी गई है। मामले की जांच करा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।

यह भी पढ़े - कानपुर की हर तीसरी एंबुलेंस अनफिट, गंभीर मरीजों की जान के साथ खेल रहा स्वास्थ्य विभाग