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ट्रिपल मर्डर केस : दोषी डिप्टी एसपी भगवान सिंह बर्खास्‍त

वर्ष 2004 में जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी

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तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर भगवान सिंह पर ट्रिपल मर्डर का आरोप लगा था

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जालौन. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तिहरे हत्याकांड में दोषी पाये गये सीओ भगवान सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वर्ष 2004 में जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर भगवान सिंह पर ट्रिपल मर्डर का आरोप लगा था। नवम्बर 2019 में कोर्ट ने पुलिस उपाधीक्षक भगवान सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

एक फरवरी 2004 को कोंच कोतवाली क्षेत्र में पुलिस फायरिंग में समाजवादी पार्टी के नेता सुरेंद्र निरंजन, रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता के भाई महेंद्र और मित्र दयाशंकर झा निवासी गांधी नगर की मौत हो गई थी। गोलीबारी में चार अन्य लोग घायल भी हुए थे। मामले में सुरेंद्र सिंह के बहनोई जबर सिंह निरंजन ने तत्‍कालीन दरोगा भगवान सिंह समेत 9 पुलिसकर्मियों पर हत्या, जानलेवा हमला, बलवा व आगजनी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

तिहरे हत्याकांड के मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत हो गई थी। 7 नवंबर 2019 को साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह ने आरोपित भगवान सिंह, पुलिसकर्मी लालमणि गौतम, राकेश बाबू कटियार, अखिलेश यादव, रामनरेश त्यागी व सत्यवीर सिंह व एक अन्य को दोषी करार दिया था। अगले दिन यानी 8 नवंबर को सभी को उम्रकैद व 50-50 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद भगवान सिंह को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी। वह बीते दिनों निरीक्षक से पदोन्नति पाकर पुलिस उपाधीक्षक बन गए थे और उन्हें कानपुर नगर में तैनाती दी गई थी। फैसले के वक्त भगवान सिंह कानपुर नगर में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर तैनात थे। सजा के ऐलान के बाद अगले दिन ही उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब शासन ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे परिजन
गोलीकांड में पिता दयाशंकर को खो चुके बेटे ऋषि झा का कहना है, सरकार ने भगवान सिंह को बर्खास्त करके सही कदम उठाया है। अन्य पुलिस कर्मियों ने अपनी जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी डाली है। इसके विरोध में वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।